मंडला में निकला आरएसएस का अनुशासित पथ संचलन
जगह-जगह पुष्पवर्षा कर नगरवासियों ने किया स्वागत
- मुख्य वक्ता उमेश मिश्र बोले हिंदू समाज को संगठित होने की जरूरत
- संघ के शताब्दी वर्ष में कार्य विस्तार पर दिया जोर
मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के छह प्रमुख उत्सवों में शामिल विजयादशमी उत्सव मंडला के पुलिस लाइन ग्राउंड में हर्षोल्लास और पारंपरिक अनुशासन के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शस्त्र पूजन के साथ हुई। इस अवसर पर महाकौशल प्रांत के बौद्धिक प्रमुख एवं मुख्य वक्ता उमेश मिश्र ने विजयादशमी के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता उमेश मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को संगठित होने की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने रेखांकित किया कि संघ की शाखाओं से निकले स्वयंसेवकों ने शिक्षा, श्रमिक, किसान, वनवासी, चिकित्सा और सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक संगठन खड़े किए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रहित, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की रक्षा करना है। वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कार पहुंचाने से लेकर समाज के सभी वर्गों को जोडऩे तक स्वयंसेवकों ने अपना जीवन समर्पित किया है।

युवा शक्ति को सही दिशा और राष्ट्र निर्माण का आह्वान
श्री मिश्र ने कहा कि भारत की युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए स्वामी विवेकानंद, छत्रपति शिवाजी महाराज और प्रभु श्रीराम जैसे महान आदर्शों को सामने रखना होगा। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त परिवार व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने और कानून का पालन करने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

संघ के शताब्दी वर्ष और कार्य विस्तार पर हुई चर्चा
संघ के 100 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह शताब्दी वर्ष केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि संगठन के कार्यों की समीक्षा और उनके विस्तार का समय है। संघ का कार्य समाज के प्रत्येक वर्ग और क्षेत्र तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने समाज की सज्जन शक्ति से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अनुशासित पथ संचलन और भव्य स्वागत
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कन्हैया मूलचंदानी सहित जिला और नगर संघचालक उपस्थित रहे। बौद्धिक उद्बोधन के बाद घोष की धुनों के साथ गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से एक अत्यंत अनुशासित और लयबद्ध पथ संचलन निकाला। संचलन के मार्ग में जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान गूंजते जयघोष से पूरे शहर का माहौल उत्साहपूर्ण और राष्ट्रभक्ति से सराबोर नजर आया।










