ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा पशुपालन

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पिंडरई में गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिता

मंत्री संपतिया उइके ने गौमाता का पूजन कर पशुपालकों को किया सम्मानित

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा पशुपालन
  • उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन के लिए भास्कर, परमानंद और सरिता पांडे को मिला प्रथम पुरस्कार

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रदेश के ‘वृंदावन गांवों’ में आयोजित की जा रही गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार प्रतियोगिताओं के तहत, शासकीय पशु चिकित्सालय पिंडरई में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। उन्होंने सर्वप्रथम विधि-विधान से गौमाता का पूजन किया और इसके पश्चात उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन करने वाले पशुपालकों को नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

पशुपालन आय का सशक्त माध्यम

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का अत्यंत विशेष और पूजनीय स्थान है। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसान भाई खेती के साथ-साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसी सहायक गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार जैविक खेती और पशुपालन को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। ऐसी प्रतियोगिताओं से पशुपालकों में न केवल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, बल्कि उन्हें बेहतर नस्ल के पालन की प्रेरणा भी मिलती है।

इन्हें मिला 1 लाख, 50 हजार और 25 हजार का पुरस्कार

पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को क्रमशः प्रथम (1 लाख रुपये), द्वितीय (50 हजार रुपये) और तृतीय (25 हजार रुपये) पुरस्कार से नवाजा गया।

  • घुघरी क्षेत्र: भास्कर द्विवेदी ने प्रतिदिन औसत 15.38 लीटर दुग्ध उत्पादन के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, धनश्वर प्रसाद चौकसे (5.036 लीटर) द्वितीय और दुर्गेश चौकसे (4.91 लीटर) तृतीय स्थान पर रहे।
  • कुडामेली क्षेत्र: परमानंद यादव ने 13.76 लीटर के साथ प्रथम, श्रीमती भूरी बाई यादव (12.43 लीटर) ने द्वितीय और राहुल यादव (11.69 लीटर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
  • पिंडरई क्षेत्र: श्रीमती सरिता पांडे ने 8.56 लीटर दुग्ध उत्पादन कर प्रथम, श्रीमती नीता बाई (7.86 लीटर) ने द्वितीय और प्रदीप राजपूत (6.846 लीटर) ने तृतीय स्थान हासिल किया।

मंत्री श्रीमती उइके ने सभी विजेता पशुपालकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य खेती के साथ पशुपालन को भी उतना ही सम्मान और प्रोत्साहन दिलाना है, जिससे ग्रामीण अंचलों में समृद्धि और आत्मनिर्भरता के नए अवसर विकसित हो सकें।


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