बिना कांच तोड़े बोतल के अंदर उकेरा अद्भुत शिवलिंग, देखने वाले हैरान

मंडला के त्रिलोक सिंधिया का कमाल

बिना कांच तोड़े बोतल के अंदर उकेरा अद्भुत शिवलिंग, देखने वाले हैरान

  • सावन में अनोखी भक्ति
  • नेशनल अवार्डी कलाकार ने छोटी सी कांच की बोतल में किया भगवान भोलेनाथ को विराजमान

मंडला महावीर न्यूज 29. सावन के पावन माह में जहां देशभर में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की आराधना में डूबे हैं, वहीं मंडला के एक कलाकार ने अपनी अनोखी कला से महादेव को एक छोटी सी कांच की बोतल के अंदर विराजमान कर दिया है। नेशनल अवार्ड से सम्मानित कलाकार त्रिलोक सिंधिया ने प्रयोगशाला में उपयोग होने वाली कांच की बोतल को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, उसके भीतर एक बेहद बारीक और खूबसूरत शिवलिंग तैयार किया है। पहली नजर में यह कलाकृति किसी चमत्कार से कम नहीं लगती।

बर्फ के बीच विराजमान नजर आते हैं महादेव

यह कलाकृति इतनी सजीव और आकर्षक है कि बोतल के अंदर बना शिवलिंग ऐसा प्रतीत होता है, मानो भगवान भोलेनाथ बर्फ की सफेद वादियों के बीच विराजमान हों। त्रिलोक सिंधिया बताते हैं कि इस अत्यंत बारीक कलाकृति को तैयार करने में उन्हें करीब 20 से 25 दिन का समय लगा। यह सिर्फ एक कलाकृति नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति उनकी गहरी आस्था और कला के प्रति उनके जुनून का अनूठा संगम है।

साधारण औजारों और असीम धैर्य का कमाल

इतनी छोटी जगह में कलाकारी करना आसान नहीं होता। इस अद्भुत कला को आकार देने के लिए त्रिलोक बेहद साधारण और छोटे औजारों—जैसे चिमटी, गोंद और बांस की बारीक सींक—का इस्तेमाल करते हैं। बोतल के अंदर काम करते समय जरा सी चूक पूरी कलाकृति को बर्बाद कर सकती है, इसलिए इस काम में असीम धैर्य, पूर्ण एकाग्रता और स्थिर हाथों की आवश्यकता होती है।

बोतल में उकेर चुके हैं कई ऐतिहासिक इमारतें

त्रिलोक का हुनर केवल शिवलिंग तक ही सीमित नहीं है। वे अपनी कला के जरिए बोतल के अंदर इंडिया गेट, लाल किला, अयोध्या का राम मंदिर और ताजमहल समेत देश की कई प्रसिद्ध इमारतों और स्मारकों की शानदार प्रतिकृतियां (Miniatures) भी तैयार कर चुके हैं। उनकी इस बारीक कला और अद्वितीय प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है और उन्हें नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

त्रिलोक सिंधिया की यह कला साबित करती है कि हुनर को दिखाने के लिए साधनों का बड़ा होना जरूरी नहीं है, बल्कि व्यक्ति की कल्पना और जुनून बड़ा होना चाहिए।


Leave a Comment