क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना पड़ा भारी
ओवरटेक करने के चक्कर में ऑटो और बाइक की जोरदार टक्कर, चार स्कूली छात्र घायल
- छुट्टी के बाद लौट रहे थे घर, ऑटो में ठूंस-ठूंस कर भरे छात्र
- चंद रुपयों के लालच में 20 बच्चों की जान से खिलवाड़
- ओवरलोड ऑटो पलटने से मची चीख-पुकार, सीएचसी में उपचार जारी
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण अंचलों में यातायात के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। चंद रुपयों के लालच में वाहन चालक स्कूली बच्चों और यात्रियों की जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। बताया गया कि विकासखंड बीजाडांडी क्षेत्र में एक ओवरलोड ऑटो और बाइक के बीच हुई जोरदार टक्कर के बाद बच्चों से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में चार स्कूली बच्चे घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी में भर्ती कराया गया है। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।
जानकारी अनुसार विकासखंड बीजाडांडी के उत्कृष्ट विद्यालय में शाम करीब 4.30 बजे छुट्टी हुई थी। विद्यालय से छुट्टी होने के बाद बीजाडांडी के आसपास के ग्राम बरौंची, खामी, कुम्ही समेत अन्य गांवों के बच्चे अपने-अपने घर जाने के लिए एक सवारी ऑटो में सवार हुए। ऑटो चालक ने नियमों को ताक पर रखते हुए और अपनी जेब भरने के लालच में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठा लिया। एक ही छोटे से ऑटो में करीब 18 से 20 स्कूली बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह बैठाया गया था। चालक की इस घोर लापरवाही ने मासूम बच्चों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल दिया था।

ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा
दुर्घटना की चश्मदीद एक स्कूली छात्रा ने बताया कि बीजाडांडी के मानिकसरा और बरौंची मार्ग पर ग्राम पिपरिया मार्ग के पास रमतिला चौराहे पर यह भीषण हादसा हुआ। बताया गया कि सड़क पर दो ऑटो एक ही दिशा में जा रहे थे। स्कूली बच्चों से भरा यह ऑटो पीछे था और ग्राम बरौंची की ओर जा रहा था। इसी बीच ऑटो चालक ने आगे चल रहे ऑटो को क्रॉस कर आगे निकलने का प्रयास किया। जैसे ही ऑटो सामने वाले वाहन को क्रॉस करने के लिए दूसरी तरफ आया, इसी दौरान सामने से आ रहे एक बाइक सवार से उसकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस भिड़ंत के बाद ओवरलोड ऑटो का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गया।
मची चीख-पुकार, ग्रामीणों ने की मदद
ऑटो के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। क्षमता से अधिक होने के कारण बच्चे ऑटो के भीतर बुरी तरह दब गए। हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए पलटे हुए ऑटो से डरे-सहमे और घायल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बिना समय गंवाए 108 एंबुलेंस और पुलिस की डायल 112 को सूचना दी गई।
ये बच्चे हुए घायल, अस्पताल में इलाज जारी
सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गई और सभी घायल बच्चों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी लाया गया। इस हादसे में चार स्कूली बच्चों को चोटें आई हैं। हादसे में घायल बच्चों में वंदना मरावी 15 वर्ष, पिता गोविंद मरावी, निवासी ग्राम बरौंची को पैर में गंभीर चोट लगी है। विनीता गौठरिया 14 वर्ष, पिता प्रीतम गौठरिया, निवासी ग्राम बरौंची, सुमन नरेती 15 वर्ष, पिता सुमरत नरेती, निवासी ग्राम खामी और दुर्गेश कुड़ापे 16 वर्ष, पिता गुलाब सिंह कुड़ापे, निवासी ग्राम कुम्ही घायल हुए है। फिलहाल अस्पताल में सभी बच्चों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है। वहीं हादसे में मोटर साईकिल सवार को भी मामूली चोटे आई है। जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रशासन की अनदेखी दे रही है हादसों को न्योता
यह दुर्घटना ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त परिवहन अव्यवस्था की पोल खोलती है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि ऑटो और अन्य यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। ग्रामीण रूटों पर रोजाना क्षमता से अधिक यात्रियों और स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाया जाता है। इस हादसे के बाद बीजाडांडी पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे ओवरलोड वाहनों पर सख्त लगाम लगाई जाए, अन्यथा किसी दिन यह लापरवाही एक बड़े और जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है।










