श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव
इष्टदेव को अर्पित किया गया छप्पन भोग
- महिलाओं ने विशेष ड्रेस कोड में दी मनमोहक प्रस्तुति
- भक्तिमय हुआ माहौल: झूलेलाल मंदिर में छप्पन भोग और महाआरती का भव्य आयोजन
- 21 अगस्त को होगा चालीसा महोत्सव का समापन
मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय भगवानी बाई केवल राम श्री झूलेलाल मंदिर में 40 दिवसीय ‘श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव’ का आयोजन पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जा रहा है। 13 जुलाई से प्रारंभ हुए इस वृहत धार्मिक महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हो रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को भगवान श्री झूलेलाल को छप्पन भोग अर्पित कर महाआरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
इष्टदेव को लगा छप्पन भोग, हुई पल्लव पूजा
प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी महोत्सव में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। रोजाना शाम की आरती के साथ-साथ प्रत्येक शुक्रवार को महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।
- सामूहिक छप्पन भोग: शुक्रवार को आयोजित विशेष कार्यक्रम में सामाजिक परिवारों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों से नाना प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर इष्टदेव को छप्पन भोग लगाया।
- महाआरती और अरदास: भोग के पश्चात महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित आस्था प्रेमियों ने भगवान श्री झूलेलाल की आराधना करते हुए जयकारे लगाए।
- तदोपरांत पल्लव पूजा और अरदास कर सभी परिवारों की खुशहाली व सुख-शांति की कामना की गई। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों को महाप्रसादी का वितरण किया गया।
विशेष ड्रेस कोड में महिलाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस धार्मिक आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण महिलाओं द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं।

- इष्टदेव की आराधना के लिए सामाजिक महिलाओं ने एक विशेष ड्रेस कोड धारण कर धार्मिक गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
- गीतों की प्रस्तुति के दौरान भगवान झूलेलाल का मनमोहक किरदार बनाकर उनकी आराधना की गई।
- कार्यक्रम में पूनम पमनानी, शोभा क्षत्री, मोनिका रोहरा, हीर सुखवानी, पूनम तलरेजा, वान्या माखीजा, दिशा विरानी और अवनि क्षत्री ने अपने नृत्य और गायन से समां बांध दिया।
इन भक्तिमय प्रस्तुतियों को देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु भी झूम उठे और पूरा माहौल धर्ममय हो गया। महिला सदस्यों ने बताया कि इस विशेष प्रस्तुति के लिए उन्होंने कई दिनों से सामूहिक रूप से तैयारियां की थीं और वे इष्टदेव की आराधना में प्रस्तुति देने को लेकर बेहद उत्साहित थीं।
बताया गया कि 40 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक ‘श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव’ का भव्य समापन 21 अगस्त को किया जाएगा।











