चकदेही में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क और पुलिया
बैगा व यादव टोला का संपर्क टूटा
- लाखों का निर्माण, शिकायत के बाद भी जांच में लीपापोती
- सरपंच की शिकायत पर हुई थी लीपापोती
- अब बारिश में बह गई पुलिया
- आवागमन पूरी तरह ठप
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में हुई बारिश ने ग्राम पंचायत चकदेही और आसपास के क्षेत्रों में हुए निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। भारी बारिश और नदी-नालों के उफान के चलते मुख्य मार्ग से बैगा टोला और यादव टोला को जोडऩे वाली नवनिर्मित सीसी सड़क और पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उनका जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जानकारी अनुसार विगत वर्ष लघु वनोपज समिति टिकरिया मंडल द्वारा एक पुलिया का निर्माण कराया गया था। निर्माण के समय ही नींव कमजोर होने पर ग्राम पंचायत चकदेही के सरपंच जगदीश धुर्वे ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कलेक्टर मंडला और पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला से इसकी लिखित शिकायत की थी। आरोप है कि उस वक्त अधिकारियों ने जांच के नाम पर केवल लीपापोती कर दी। नतीजा यह हुआ कि गुणवत्ताहीन निर्माण पहली ही तेज बारिश का सामना नहीं कर सका और पुलिया पूरी तरह ढह गई। वहीं इसी साल फरवरी-मार्च में ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई सीसी सड़क और पुलिया भी पानी में बह गई है।
छात्रों, किसानों और विशेष जनजातियों की बढ़ी परेशानी
सड़क और पुलिया टूट जाने से बैगा टोला और यादव टोला के रहवासियों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया है। हालत यह है कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं, खेती-किसानी करने वाले लोगों और जंगलों में मवेशी चराने वाले यादव समाज के लोगों को हो रही है।
कमीशनबाजी की भेंट चढ़ रही सरकारी योजनाएं
शासन द्वारा हर टोले-मोहल्ले को पक्की सड़क से जोडऩे के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राजनीतिक मंचों से अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जनपद के अधिकारियों और सब-इंजीनियरों की मिलीभगत और कमीशनबाजी के चलते निर्माण कार्यों में जमकर बंदरबांट हो रहा है। घटिया निर्माण के कारण आज भी जंगल में रहने वाली विशेष जनजातियां बैगा और आम ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक मार्ग की मांग
शासकीय धन के इस दुरुपयोग पर आक्रोश जताते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशास न मंडला और जनपद पंचायत नारायणगंज के अधिकारियों से तत्काल मौके का मुआयना करने का आग्रह किया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आवागमन को तुरंत सुचारू करने के लिए मुरम और पत्थर डालकर एक अस्थायी रास्ता बनाया जाए। इसके साथ ही अति शीघ्र उच्च गुणवत्ता वाली नई पुलिया और सड़क का निर्माण कराया जाए। भविष्य में शासकीय धन का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए जिससे अंतिम छोर के व्यक्ति को वास्तव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।










