अंजनिया शराब दुकान के गोदाम में छलके जाम
युवतियों के डांस का वीडियो वायरल, आबकारी विभाग ने बैठाई जांच
- शराब गोदाम बना अय्याशी का अड्डा
- आबकारी नियम ताक पर, लाइसेंसी का ठेका रद्द होने और भारी जुर्माने की लटकी तलवार
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के अंजनिया समूह की शराब दुकान और उससे लगा गोदाम इन दिनों अवैध गतिविधियों का मुख्य केंद्र बन गया है। लाइसेंसी के कर्मचारियों की शह पर यहां आबकारी अधिनियम के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शराब के परिवहन, भंडारण और विक्रय को लेकर आबकारी विभाग के सख्त नियम होने के बावजूद अंजनिया शराब दुकान पर इनका कोई पालन नहीं हो रहा है। हाल ही में गोदाम के अंदर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
गोदाम में शराबखोरी और युवतियों का डांस
वायरल हो रहे वीडियो ने इस बात की पोल खोल दी है कि शराब गोदाम का इस्तेमाल किस तरह की अनैतिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गोदाम में चारों तरफ शराब की पेटियां रखी हुई हैं। इसी बीच कुछ लोग वहां बैठकर खुलेआम शराब का सेवन कर रहे हैं और युवतियां गानों पर नाच रही हैं।
दो सप्ताह पुराना है वीडियो, आबकारी इंस्पेक्टर कर रहे जांच
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आ गया है और मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि यह आपत्तिजनक वीडियो लगभग दो सप्ताह पहले गोदाम के अंदर ही बनाया गया था, जो अब जाकर सार्वजनिक हुआ है। वायरल वीडियो की विस्तृत जांच का जिम्मा आबकारी इंस्पेक्टर सर्वेश नागवंशी को सौंपा गया है। विभागीय अधिकारी फिलहाल यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह वीडियो ठीक किस दिन और किन परिस्थितियों में बनाया गया था और इसमें शामिल लोग कौन-कौन हैं।
लाइसेंस रद्द होने से लेकर जब्ती तक की हो सकती है कार्रवाई
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकान से जुड़े अधिकृत गोदाम में अवैध रूप से शराब पिलाना, शराबखोरी करना और लड़कियों का डांस कराना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। यह कृत्य आबकारी नियमों, श्रम कानूनों और नई भारतीय न्याय संहिता का सीधा उल्लंघन है। दोष सिद्ध होने पर आबकारी विभाग द्वारा दुकान और गोदाम का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। इन अवैध गतिविधियों के कारण गोदाम को तत्काल सील करने, भारी पेनाल्टी लगाने और गोदाम में रखी पूरी शराब को जब्त करने तक का सख्त प्रावधान है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर लाइसेंसी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।










