सावन माह में बरस रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा

घुघरी में सावन माह में श्रीमद्भागवत की अमृत वर्षा

पं. नरेंद्र तिवारी जी के मुखारविंद से कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

  • गोवर्धन लीला व रुक्मिणी विवाह के संगीतमय वर्णन पर झूमे भक्त
  • पंडित रामनारायण शुक्ला करा रहे निरंतर वैदिक जाप
  • सावन माह में घुघरी में बरस रही श्रीमद्भागवत कथा की अमृत वर्षा

मंडला महावीर न्यूज 29. पवित्र सावन माह के शुभ अवसर पर घुघरी नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन पूरे धार्मिक उल्लास एवं भक्तिमय वातावरण के बीच निरंतर जारी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीहरि की दिव्य लीलाओं का श्रवण कर धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। कथा स्थल पर भजन, कीर्तन, मंत्रोच्चार एवं जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

कथा व्यास परम श्रद्धेय पंडित नरेंद्र तिवारी अपने श्रीमुख से अत्यंत मधुर, ओजस्वी एवं संगीतमय शैली में श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का रसपान करा रहे हैं। वे कथा के दौरान वेद, पुराण, उपनिषद तथा सनातन संस्कृति के विविध प्रसंगों का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए धर्म, भक्ति, सदाचार, संस्कार और मानव जीवन के आदर्शों का प्रेरणादायी संदेश दे रहे हैं। उनके भावपूर्ण वर्णन से श्रद्धालु स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रत्यक्ष साक्षी अनुभव कर रहे हैं।

गोवर्धन पूजा और रुक्मिणी विवाह का मनोहारी वर्णन 

कथा के पंचम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं दिव्य लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया। पंडित जी ने गोवर्धन लीला का अत्यंत मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का नाश कर गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर धारण कर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की थी। इसके बाद रुक्मिणी विवाह प्रसंग का मनोहारी चित्रण करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य मिलन का महत्व समझाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया।

वैदिक मंत्रोच्चार, परंपरा और यजमानों का समर्पण 

धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान राकेश अग्रवाल एवं उनका परिवार पूरे श्रद्धा, समर्पण एवं सेवा भाव से दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, सत्संग एवं सेवा की सुंदर व्यवस्था की जा रही है। वहीं जापाचार्य रामनारायण शुक्ला महाराज द्वारा पूर्ण निष्ठा, श्रद्धा एवं वैदिक परंपरा के अनुरूप निरंतर मंत्र-जाप एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं, जिससे कथा स्थल अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।
सावन माह में आयोजित यह श्रीमद्भागवत महापुराण कथा श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। प्रतिदिन नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।


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