कान्हा से नर्मदा तट तक पर्यटन की नई उड़ान

कान्हा से नर्मदा तट तक पर्यटन की नई उड़ान

मंडला में होम स्टे से संवर रहा ग्रामीण पर्यटन

  • सिर्फ जंगल सफारी नहीं, अब गांव की मेहमान नवाजी भी बनेगी पहचान
  • खटिया और बबैहा में पर्यटकों के लिए होम स्टे तैयार

मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश जिसे अतुल्य भारत का हृदय कहा जाता है, अपने वन्यजीव पर्यटन के लिए विश्व विख्यात है। आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला जो मुख्य रूप से विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के लिए देश-विदेश में जाना जाता है, यहाँ केवल बाघों की सफारी तक पर्यटन को सीमित न रखते हुए, इसे ग्रामीण जीवन और जनजातीय संस्कृति से जोडऩे का एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडला जिला अब ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में एक नई और ऊंची उड़ान भरने के लिए तैयार है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड भोपाल और सहयोगी संस्था कार्ड के संयुक्त प्रयासों से जिले में ग्रामीण पर्यटन को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले स्थानीय परिवारों को सीधे तौर पर पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है और उनके घरों को होम स्टे के रूप में विकसित किया जा रहा है।जानकारी अनुसार वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत कान्हा नेशनल पार्क के प्रमुख प्रवेश द्वार खटिया-नारंगी और माँ नर्मदा के तट पर बसे ग्राम बबैहा और नारायणगंज के कुम्हा को चुना गया है। पर्यटन ग्राम खटिया-नारंगी में पर्यटकों के स्वागत के लिए 8 होम स्टे पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक गरम पानी के कुंड और माँ नर्मदा के मनोहारी तट के समीप स्थित ग्राम बबैहा में एक होम स्टे पूर्ण रूप से तैयार हो चुका है, जबकि 2 अन्य होम स्टे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन होम स्टे के शुरू होने से पर्यटकों को अब केवल कान्हा के घने जंगलों तक ही सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे नर्मदा तट की अलौकिक प्राकृतिक सुंदरता का भी विस्तार से आनंद ले सकेंगे।

होटल की चकाचौंध से दूर, गांव की माटी की महक 

इन होम स्टे की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह है कि यहाँ आने वाले पर्यटक किसी आलीशान होटल के बजाय सीधे स्थानीय ग्रामीण परिवारों के साथ ठहरेंगे। इससे उन्हें ग्रामीण जीवन का वास्तविक और जीवंत अनुभव प्राप्त होगा। महानगरीय कोलाहल से दूर, यहाँ पर्यटकों को पारंपरिक ग्रामीण व्यंजन, स्थानीय लोक संस्कृति, जनजातीय कला और आत्मीय आतिथ्य का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। कान्हा आने वाले सैलानी जहाँ एक ओर विश्व प्रसिद्ध जंगल सफारी का रोमांच महसूस करेंगे, वहीं दूसरी ओर वे मंडला की समृद्ध जनजातीय संस्कृति विशेषकर बैगा और गोंड की दैनिक जीवनशैली, उनके रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं को बेहद करीब से जान सकेंगे।

प्रकृति, शांति और गरम पानी के कुंड का संगम 

बबैहा ग्राम अपने आप में एक अनूठा पर्यटन स्थल बनकर उभर रहा है। यहाँ स्थित प्राकृतिक गरम पानी का कुंड हमेशा से कौतूहल और आकर्षण का केंद्र रहा है। यहाँ के होम स्टे में रुकने वाले पर्यटकों को इस कुंड के दर्शन के साथ माँ नर्मदा के शांत और मनोरम तट पर प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने का विशेष अवसर मिलेगा। यह स्थान उन पर्यटकों के लिए सर्वथा उपयुक्त है जो शहर की भागदौड़ से दूर आत्मिक शांति की तलाश में आते हैं।

अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी संजीवनी 

यह पूरी पहल केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का एक बेहद सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। होम स्टे के संचालन से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को एक नया बाजार और नई पहचान मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। यदि इन होम स्टे का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, तो मंडला जिला विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक नए रूप में स्थापित हो सकता है।

होम स्टे की प्रमुख विशेषताएँ 

कान्हा नेशनल पार्क के प्रवेश द्वार पर ठहरने की सुलभ सुविधा मिलेगी। गरम पानी कुंड एवं माँ नर्मदा के सुंदर तट के समीप प्राकृतिक और शांत वातावरण, स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण आत्मीयता का सीधा अनुभव होगा। बैगा एवं गोंड जनजातीय संस्कृति, कला और ग्रामीण जीवनशैली से जीवंत परिचय होगा। ताजे व स्थानीय एवं पारंपरिक व्यंजनों का अनूठा स्वाद मिलेगा। जंगल सफारी, प्रकृति भ्रमण और ग्रामीण पर्यटन का एक साथ आनंद ले सकेंगे। महिलाओं एवं युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों का सृजन होंगे।

फैक्ट फाइल

खटिया-नारंगी – 8 होम स्टे (तैयार)
बबैहा, गरम पानी कुंड एवं नर्मदा तट – 1 होम स्टे (तैयार), 2 (निर्माणाधीन)
कुल संख्या – 11 होम स्टे (तैयार एवं निर्माणाधीन)

इनका कहना है

ग्रामीण पर्यटन केवल पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय की आर्थिक समृद्धि का एक सशक्त आधार है। होम स्टे के माध्यम से पर्यटक कान्हा के प्राकृतिक वैभव, माँ नर्मदा के शांत तट और मंडला की समृद्ध ग्रामीण संस्कृति का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे।
राम रतन मरावी, परियोजना समन्वयक, कार्ड संस्था


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