बारिश में भीगते हुए हुआ अंतिम संस्कार
देल्हा में मुक्तिधाम की बदहाली ने खोली विकास के दावों की पोल
- शेड और पक्के मार्ग का अभाव
- दलदल भरे रास्ते से शव ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण, प्रशासन बेखबर
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नैनपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत देल्हा में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को उजागर करने वाली एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहाँ एक ग्रामीण के निधन के बाद परिजनों और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को तेज बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करने को विवश होना पड़ा। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कीचड़ भरा रास्ता और बिना शेड का श्मशान
जानकारी अनुसार जब ग्रामीण का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तब क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी। मुक्तिधाम में टीन शेड या छांव की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण, परिजन और ग्रामीण पूरी प्रक्रिया के दौरान बारिश में भीगते रहे। स्थिति और भी दयनीय तब हो गई जब मुक्तिधाम तक पहुँचने वाला कच्चा मार्ग बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया। शव को वहाँ तक ले जाने में लोगों को भारी जद्दोजहद और परेशानी का सामना करना पड़ा।
लंबे समय से अनसुनी है ग्रामीणों की मांग
इस घटना के बाद से देल्हा के ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम में शेड निर्माण और वहां तक पक्का पहुँच मार्ग बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पंचायत से लेकर जनपद स्तर तक के जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार इस विकट समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई भी स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों और परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ये मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई होतीं, तो शोक के समय में उन्हें इस तरह की अमानवीय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद, मुक्तिधाम जैसी अति-आवश्यक जगह पर मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव स्थानीय लोगों के लिए गहरी पीड़ा का कारण बना हुआ है।










