खटोला स्कूल में मध्यान्ह भोजन को लेकर विवाद
पुराने रसोइयों के हंगामे से परेशान स्व-सहायता समूह पहुंचा जनसुनवाई में
- एक महीने से मुफ्त में खाना बना रहीं रानी दुर्गावती स्व-सहायता समूह की महिलाएं
- प्रशासन से लगाई न्याय और नए रसोइयों की नियुक्ति की गुहार
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के बिछिया विकासखंड के ग्राम खटोला की महिलाएं जनसुनवाई में मध्यान्ह भोजन योजना में आ रही समस्याओं को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। रानी दुर्गावती स्व-सहायता समूह खटोला की महिलाएं इस बात से काफी परेशान हैं कि उन्हें मध्यान्ह भोजन का कार्य मिलने के बावजूद पुराने रसोइयों द्वारा लगातार विवाद खड़ा किया जा रहा है।
समूह की महिलाओं और उनके द्वारा दिए गए लिखित आवेदन में बताया गया है कि मंडला सीईओ के आदेश के तहत ईपीईएस शाला खटोला में मध्यान्ह भोजन संचालित करने की जिम्मेदारी रानी दुर्गावती स्व-सहायता समूह को सौंपी गई है। महिलाओं का आरोप है कि पुराने रसोइयों को हटाकर नए रसोइयों को रखे जाने के स्पष्ट आदेश के बावजूद पुराने रसोइया उनके साथ लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं और मारपीट तक कर रहे हैं।
समूह की महिलाएं हो रही परेशान
महिलाओं ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने जनपद पंचायत बिछिया में विगत माह 24 जून को नए रसोइयों की नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन आज दिनांक तक विभाग द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। जनसुनवाई में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए समूह की महिलाओं ने अपनी समस्या बताते हुए कहां कि महिलाएं पिछले एक महीने से बच्चों के लिए खाना बना रही हैं। जनपद पंचायत में कई बार दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके कागजात आगे मंडला नहीं पहुंचाए जा रहे हैं। समूह का बैंक खाता, आधार और अन्य जानकारी अब तक योजना के तहत दर्ज नहीं की गई है। इन प्रशासनिक कमियों के कारण महिलाएं बिना किसी भुगतान के मुफ्त में काम करने को मजबूर हैं, जबकि उनके खुद के भी छोटे बच्चे हैं।
महिलाओं ने की न्याय की मांग
शिकायत पत्र में विभागीय पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि रसोइया का संबंधित संलग्न महिला स्व-सहायता समूह का सदस्य होना अनिवार्य है। इसके विपरीत पुराने रसोइयों का समूह पिछले कई वर्षों से बंद हो चुका है। रानी दुर्गावती समूह ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर नए रसोइयों की नियुक्ति की जाए। इसके साथ ही महिलाओं ने मांग की है कि उनके खाते और दस्तावेज जल्द से जल्द जोड़े जाएं जिससे वे बिना किसी विवाद के मध्यान्ह भोजन का कार्य सुचारू रूप से चला सकें और बच्चों को अच्छे से खाना खिला सकें।










