रथ यात्रा में पहुंचे हजारों श्रृद्धालु
रथ यात्रा को कराया नगर भ्रमण
- प्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी की निकली रथ यात्रा
- हुई पुष्प वर्षा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिनकी संसार में सबसे बड़ी रसोई है, जिसके मंदिर की परछाई नही बनती, जिनके मंदिर का ध्वज हवा की विपरीत दिशा में लहराता है और जिनके मंदिर के ऊपर से कभी पक्षी नही उड़ते, ऐसे जगत पति जगदीश्वर प्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी का दरबार मंडला के नर्मदा तट स्थित श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट में भी है। यहां मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी की प्राण प्रतिष्ठा करीब नौ साल पहले की गई। जिसके बाद प्रतिवर्ष स्वामी जगन्नाथ जी की रथ यात्रा धूमधाम के साथ निकाली जाती है।
इस वर्ष भी रथ यात्रा श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट से निकाली गई, जो नगर भ्रमण कर वापस रपटा घाट पहुंची। बताया गया कि जगन्नाथ महाप्रभु के स्वस्थ्य होंने के बाद श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट में जगन्नाथ स्वामी की विधि-विधान से पूजन अर्चन की गई। भगवान को काजल लगाने के बाद फलों का भोग लगाया गया। जिसके बाद महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की रथयात्रा नगर में निकाली गई।
रथयात्रा श्री सिद्धघाट रेवा दरबार रपटा घाट से निकाली गई जो सिद्ध रेवा दरबार से नेहरू स्मारक, स्टेट बैंक चौराहा, लालीपुर, बस स्टेण्ड, चिलमन चौक, पड़ाव होते हुए चिलमन चौक, उदयचौक से तहसील, सिटी कोतवाली, स्टेट बैंक चौराहा, नेहरू स्मारक होते हुए वापस सिद्धघाट रेवा दरबार पहुंची। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जगतपति जगदीश्वर महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी बीमार हो गए थे ज्येष्ठ मास की गर्मी में शीतल जल में स्नान करने के कारण प्रभु को जुकाम हो गया था इसलिए उनके उपचार के लिए दलिया, फलों का रस प्रतिदिन उन्हें दिया गया। रथ यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया।










