भक्तों के अभिषेक से बीमार हुए पालन हार

भक्तों के अभिषेक से बीमार हुए पालन हार

  • दिया जा रहा औषधी युक्त काढ़ा, बंद है भगवान के पट
  • 16 जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा जिला मुख्यालय के रपटा घाट से निकाली जाती है, इसके पहले ही संसार के पालन हार भगवान जगन्नाथ जी स्वयं बीमार पड़ गए है। जिसके कारण 15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ के पट बंद रहते है। इन 15 दिनों तक भगवान जगन्नाथ जी को औषधि युक्त काढ़ा के साथ नीम की गोली, परबल का जूस एवं अरबी उबालकर दिया जा रहा है। भगवान के बीमार होने का कारण विभिन्न प्रकार का जलाभिषेक है। जिसके कारण भगवान बीमार हो गए है। 15 दिन बाद भगवान की रथ यात्रा 16 जुलाई को निकाली जाएगी।

जानकारी अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन जिला मंडला में छोटे रपटा घाट स्थित मंदिर से प्रतिवर्ष किया जाता है। इसी के अंतर्गत 16 जुलाई को शहर में धूमधाम से भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से पहले जगत के पालन हार भगवान जगन्नाथ जी 15 दिनों तक एकांतवास में रहते है। भक्तों द्वारा ज्यादा अभिषेक के कारण भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए बीमार हो गए है। इस दौरान भोग पूजन में भगवान को औषधि युक्त काढ़े का भोग लगाया जा रहा है। एकांतवास के दौरान भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पा रहे है। बताया गया कि छोटे रपटा घाट स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में पूजन, अर्चन और विभिन्न तीर्थो के जल से प्रभु को स्नान कराया गया था। इसके बाद माँ नर्मदा के घाट तक भगवान जगन्नाथ प्रभु को ले जाया गया। जहां स्नान मंडप बनाकर स्नान कराया गया। इस दौरान भक्तों का हुजूम लगा रहा। बड़ी संख्या में लोग भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पहुंचे थे।

16 जुलाई को दर्शन देंगे पालन हार

बताया गया कि प्रतिदिन भगवान को परंपरागत रूप से औषधि युक्त काढ़े का भोग लगाया जा रहा है। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से जुड़े वरदान आश्रम के संचालक नीलू महाराज ने बताया कि पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तरह ही शहर में विगत कई वर्षो से परंपरागत रूप से भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ जी को रथ पर सवार कर नगर भ्रमण कराया जाएगा और भक्तों को पालन हार दर्शन देंगे।

वदरान आश्रम में दी जा रही नीम की गोली 

वरदान आश्रम संचालक नीलू महाराज ने बताया कि अंजनिया स्थित वरदान आश्रम में भी विगत दिवस भगवान जगन्नाथ जी महाप्रभु का ज्येष्ठाभिषेक जल स्नान कराया गया था। जिसके बाद महाप्रभु बीमार पड़ गये थे। जिसके कारण भगवान जगन्नाथ जी बीमार हो गए है। उनकी औषधियों से सेवा की जा रही है। इस अवधि में आरती, पूजा बंद है एवं जगन्नाथ भगवान को नीम की गोली, परबल का जूस एवं अरबी उबालकर दिया जा रहा है। नीलू महाराज ने बताया कि 15 दिन के बाद भगवान के स्वस्थ होने पर पालन हार को 56 भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद 16 जुलाई को सुबह 9 बजे वरदान आश्रम में रथयात्रा का आयोजन होगा। इसके बाद जिला मुख्यालय के रपटा घाट में रथयात्रा निकाली जाएगी।


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