नारायणगंज शराब दुकान में ओवररेटिंग का खेल
प्रिंट रेट से ज्यादा वसूली जा रही कीमत, उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश
- एमआरपी 344 और वसूली 390 रुपये
- नारायणगंज में शराब बिक्री में मनमानी
- बारकोड स्कैनिंग में भी गड़बड़ी
मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज में संचालित शराब दुकान पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि यहां लंबे समय से मनमाने ढंग से विभिन्न ब्रांड की शराब प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर बेची जा रही है, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त आर्थिक चपत लग रही है।
उपभोक्ताओं ने बताया कि बोतलों पर दर्ज एमआरपी और दुकान पर मांगी जा रही कीमत में साफ तौर पर अंतर देखा जा सकता है। हाल ही में एक ग्राहक के साथ हुई घटना ने इस मनमानी की पोल खोल दी। ग्राहक ने बताया कि उसने जो शराब खरीदी उस पर 344 रुपये एमआरपी दर्ज थी, लेकिन दुकान के कर्मचारी ने उससे 390 रुपये की मांग की। जब ग्राहक ने इस ओवररेटिंग पर सवाल उठाया, तो कर्मचारी ने बहाना बनाते हुए कहा कि पहले इसकी कीमत 390 रुपये ही थी और संभवत: हाल ही में दरें कम हुई हैं। हालांकि जब ग्राहक ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, तो उसे वही शराब एमआरपी यानी 344 रुपये पर ही उपलब्ध करा दी गई।
बारकोड स्कैनिंग में भी आ रही दिक्कतें, रेट लिस्ट की अनदेखी
इस ओवररेटिंग के खेल में उपभोक्ताओं को वास्तविक कीमत जांचने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राहकों की शिकायत है कि शराब की बोतलों पर लगे बारकोड कई बार आसानी से स्कैन नहीं होते, जिससे वास्तविक मूल्य की तुरंत पुष्टि करना मुश्किल हो जाता है। नियमों के तहत दुकान पर मूल्य सूची चस्पा होने के बावजूद कर्मचारियों द्वारा एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूलने का सिलसिला जारी है। इस पूरी मनमानी को लेकर स्थानीय उपभोक्ताओं ने आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्राहकों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर ओवररेटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।









