सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 272 करोड़ की यूनिट की सौगात, बदल जाएगी एमपी की सूरत
धार के पीथमपुर में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की यूनिट का भूमि-पूजन
- इंडस्ट्रियल बेल्ट में औद्योगिक विकास का ग्रोथ इंजन बना धार
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ नए भारत का निर्माण
भोपाल/धार/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के 8 जुलाई का दिन बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की 272 करोड़ की नई यूनिट का भूमि-पूजन किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राजा भोज के इस परिक्षेत्र में अहम उद्योग स्थापित होने जा रहा है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इंडस्ट्रियल बेल्ट में धार औद्योगिक विकास का ग्रोथ इंजन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार की भुजाएं मजबूत हुईं। बीते 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने 6 लाख से ज्यादा किसानों के लिए वस्त्र उद्योग का बहुत बड़ा पार्क यहां लोकार्पित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा भोज पर जितनी कृपा मां सरस्वती की थी, उतना ही आशीर्वाद मां लक्ष्मी ने उन्हें दिया था। राजा भोज के कार्यों से मालवा के साथ-साथ पूरा देश गौरवांवित होता है। आज 272 करोड़ की नई यूनिट का लोकार्पण हुआ है। यह इकाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को पूरा करने के लिए रफ्तार से चलेगी। मैं लियुगोंग ग्रुप को बधाई देता हूं, जिनकी वजह से विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। हमने बीता वर्ष उद्योग वर्ष के नाम से मनाया। पहली बार ग्लोबल इंवेस्टर्स मीट (जीआईएस) राजधानी में आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। उस वक्त हमारे विरोधी दल ने उसका मजाक बनाया था। विरोधी नेता बोले जीआईएस करा रहे हो, उसके क्या होगा, क्या मिल जाएगा। लेकिन, वो भूल गए कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब भारत बदल गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद मध्यप्रदेश भी एक अलग दौर में पहुंचा है। जब हमने जीआईएस का हिसाब-किताब किया तो हमारे पास 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव थे। ये प्रस्ताव विरोधी दलों के लिए एक जवाब था। दस लाख करोड़ से ज्यादा के काम आज धरातल पर उतर चुके हैं। यह हमारी सरकार का काम करने का विजन और तरीका है।
भारत में सबसे ज्यादा संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश पूरी क्षमता के साथ तेज गति से बढ़ रहा है। आज यही वजह है कि पिछले 6 महीने में यानी 1 जनवरी से 30 जून तक 76 हजार 862 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 82 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। अकेले नर्मदापुरम को 11 हजार 500 करोड़ के प्रस्ताव मिले। 10 हजार करोड़ से ज्यादा का विदेशी निवेश मध्यप्रदेश को मिला है। ये उन लोगों को जवाब है जो जीआईएस पर सवाल उठा रहे थे और कह रहे थे कि अलग-अलग दौरे करने से क्या मिला। आज ऐसा कोई देश नहीं, जो भारत में निवेश नहीं करना चाहता। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 1956 से लेकर कई वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही, लेकिन उसने इतने सालों में भी वो काम नहीं किया, जो हमने पिछले 6 महीने में कर लिया। पिछले दस दिनों में तो ऐसा लगा जैसे निवेश की बारिश हो गई, झड़ी लग गई। हमारे ऊपर बाबा महाकाल का आशीर्वाद है। जब परमात्मा प्रसन्न होता है तो प्रकृति भी आशीर्वाद देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अद्भुत समय चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत सबसे ज्यादा युवा देश है। हमारे देश में सब तरह की संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश कदम से कदम मिलाकर उन सभी संभावनाओं पर काम कर रहा है, जिसकी आज दरकार है।
हमारी सरकार जो कहती है वो करती है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर में बीते दस दिन की बात करूं तो आज यहां यानी 8 जुलाई को 272 करोड़ के भव्य प्लांट का उद्घाटन हुआ है। 6 जुलाई को सतगढ़ी में 150 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क’ का भूमिपूजन किया गया। 5 जुलाई को शिवपुरी में 2500 करोड़ की लागत से ‘अडाणी डिफेंस यूनिट’ का भूमिपूजन हुआ। 30 जून को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में पेप्सिको की अत्याधुनिक 1250 करोड़ की विनिर्माण इकाई का शुभारंभ हुआ। किसान की आय दोगुनी करने के लिए यह कदम अहम है। 29 जून को नीमच में 1 हजार 554 करोड़ की लागत से 38 नई औद्योगिक इकाइयों की सौगात देकर हमारी सरकार ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। एमएसएमई सेक्टर को 585 करोड़ से अधिक, स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों को 1 हजार 274 करोड़ की प्रोत्साहन राशि अंतरित की गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केवल घोषणाएं करने वाली सरकार नहीं है, यह काम को धरातल पर उतारने वाली सरकार है। लियुगोंग कंपनी भी नए कीर्तिमान बनाएगी। अभी तक यह कंपनी 3250 मशीन बनाती थी, लेकिन अब इस नए प्लांट के साथ यह क्षमता 7 हजार 500 हो जाएगी।
मेक इन इंडिया पर फोकस
लियूगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने कहा कि हमारे लिए यह बड़ा ही सौभाग्यशाली दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीथमपुर में लियुगोंग इंडिया लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र की नींव रखी है। कंपनी का नया प्लांट स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। साथ ही प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा। साथ ही रिसर्च और मशीनरी निर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। लियूगोंग इंडिया के वरुण विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास की धारा तेज गति से आगे बढ़ रही है। लियुगोंग इंडिया कंपनी ने वर्ष 2009 में पहला प्रोडक्शन किया था। आज हमारी कंपनी बेहतर भविष्य के लिए निर्माण उपकरण तैयार कर रही है। कंपनी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य में सहयोग प्रदान कर रही है।
सरदार सरोवर परियोजना पर हुए ऐतिहासिक समझौते से सहकारी संघवाद होगा सुदृढ़ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
अब प्रदेश को करना होगा केवल 231.80 करोड़ रुपये का भुगतान
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में हुई बैठक में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े लगभग तीन दशक से जारी पुनर्वास एवं पुनर्बसाहट व्यय विवाद का सर्वसम्मति से समाधान हुआ है। इस निर्णय से मध्यप्रदेश पर पड़ने वाले वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और सहमति से जटिल विषयों के समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री शाह के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत के अटॉर्नी जनरल द्वारा फरवरी 2026 में दिए गए अभिमत के अनुसार पुनर्वास व्यय में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 31.98 प्रतिशत निर्धारित की गई थी। इसके अनुसार मध्यप्रदेश को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान गुजरात को करना पड़ता। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं राजस्थान के बीच हुई बैठक में सर्वसम्मति से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी घटाकर 16.17 प्रतिशत निर्धारित की गई। इसके परिणामस्वरूप अब मध्यप्रदेश को केवल 231.80 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
चारों राज्यों की हिस्सेदारी हुई निर्धारित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में गुजरात की हिस्सेदारी 50.57 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत की गई है। वहीं, महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 15.15 प्रतिशत से घटाकर 7.66 प्रतिशत और राजस्थान की हिस्सेदारी 2.31 प्रतिशत से घटाकर 1.17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इससे गुजरात को सहभागी राज्यों से कुल 553.43 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा एवं सरदार सरोवर परियोजना से प्रदेश को उत्पादित कुल विद्युत का 57 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अब तक मध्यप्रदेश को लगभग 3,900 करोड़ यूनिट विद्युत औसतन 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध हुई है। इसके अतिरिक्त लगभग 31 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई सुविधा मिल रही है। साथ ही जबलपुर, कटनी, देवास, उज्जैन, इंदौर, धार सहित अनेक शहरों और पीथमपुर, देवास एवं विक्रम उद्योगपुरी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को नर्मदा जल की आपूर्ति भी इसी परियोजना से की जा रही है।










