आधुनिक कृषि तकनीक
मंडला के देवगाँव में वॉक बिहाइंड पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन का सफल प्रदर्शन
- मजदूरों की किल्लत और भारी लागत से मिलेगी मुक्ति
- रोपाई खर्च में होगी 70 से 80 प्रतिशत तक की बड़ी बचत
- कृषि अभियांत्रिकी विभाग का बड़ा कदम
- पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक यंत्रीकरण अपना रहे क्षेत्र के किसान
मंडला महावीर न्यूज 29. कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा मंगलवार को विकासखंड निवास के ग्राम देवगाँव में किसानों के लिए ‘वॉक बिहाइंड 6 कतारी पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन’ का लाइव प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन स्थानीय किसान एवं उप सरपंच सुरेंद्र पटेल के खेत में किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों को धान की रोपाई में आधुनिक कृषि यंत्रीकरण के फायदों और कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया।
लागत में 80% तक कमी और उत्पादन में होगी वृद्धि
कार्यक्रम में मौजूद सहायक कृषि यंत्री (मंडला) श्रीमती प्रियंका मेश्राम ने किसानों को मशीन की उपयोगिता के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि:
- पारंपरिक खेती की समस्याओं का हल: अमूमन धान की रोपाई के समय मजदूरों की भारी कमी और बढ़ती लागत से किसान परेशान रहते हैं, जिसका सटीक समाधान यह पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन है।
- समय और पैसे की बचत: इस तकनीक के उपयोग से धान की रोपाई की लागत में 70 से 80 प्रतिशत तक की कमी आती है और बेहद कम समय में अधिक क्षेत्र में रोपाई पूरी की जा सकती है।
- बंपर पैदावार की उम्मीद: मशीन से की गई व्यवस्थित रोपाई के कारण फसल के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना रहती है।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
सहायक कृषि यंत्री ने बताया कि इस मशीन के उपयोग के लिए सबसे पहले ‘मैट टाइप नर्सरी’ (चटाईनुमा पौध) तैयार की जाती है। जब पौध लगभग 15-16 दिन की हो जाती है, तब इसे मशीन में लोड करके बेहद व्यवस्थित और कतारबद्ध तरीके से रोपाई का कार्य संपन्न किया जाता है।
- किसानों ने दिखाई रुचि, सरकार देगी अनुदान
- प्रदर्शन कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीण किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खेत में मशीन को तैरते हुए और कतारों में धान रोपते देख किसानों ने इसकी जमकर सराहना की। कई किसानों ने इसे कृषि कार्य के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए मशीन खरीदने में गहरी रुचि दिखाई।
- कृषि अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने किसानों को प्रेरित करते हुए बताया कि आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा यह मशीन किसानों को अनुदान (सब्सिडी) पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ लेकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।










