पिंडरई में पहली बार एक साथ हुआ सप्त ऋषिराजों का भव्य मंगल प्रवेश
मुनि श्री निर्वेग सागर जी ससंघ की अगवानी में उमड़ा जनसैलाब
- लघु तीर्थ क्षेत्र पिंडरई में मुनि संघ का प्रथम आगमन
- जिनालयों की वंदना के बाद गूंजी मंगल देशना, समाज ने जताया प्रशासन का आभार
मंडला महावीर न्यूज 29. लघु तीर्थ क्षेत्र और व्रती नगरी के रूप में विख्यात नैनपुर विकासखंड के पिंडरई में शुक्रवार की शाम एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गौरव का क्षण दर्ज हुआ। संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य एवं विद्या शिरोमणि आचार्य महाराज श्री समयसागर महाराज के आज्ञानुवर्ती मुनिराज, पाठशाला प्रणेता पूज्य मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज ससंघ का नगर में प्रथम बार भव्य मंगल प्रवेश हुआ। व्रती नगरी के इतिहास में यह पहला सौभाग्यशाली अवसर था, जब एक साथ सप्त ऋषिराजों का पावन आगमन हुआ।
बताया गया कि मुनि संघ के नगर आगमन को लेकर सकल दिगंबर जैन समाज में भारी उत्साह देखा गया। जैसे ही मुनि संघ की मंगल विहारी मंडली ने नगर की सीमा में प्रवेश किया, भक्तों ने जयकारों और ढोल-नगाड़ों के साथ उनकी अगवानी की। पूरा वातावरण गुरुवर के जयकारे से गुंजायमान हो उठा। मुनि संघ ने सबसे पहले नगर के जिनालयों (जैन मंदिरों) की वंदना की और भगवान के दर्शन किए।
मंगल देशना और गुरु भक्ति की बही बयार
जिनालय वंदना के बाद आयोजित धर्मसभा में पूज्य मुनि श्री निर्वेग सागर जी महाराज की ओजस्वी एवं मंगल देशना (प्रवचन) का लाभ समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं को प्राप्त हुआ। मुनि श्री के प्रवचनों को सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। देशना की पूर्णाहुति के बाद उपस्थित जनसमुदाय द्वारा सामूहिक रूप से गुरु भक्ति की गई और सभी भक्तजनों ने मिलकर मुनि संघ की मंगल आरती उतारी।
जैन समाज ने पुलिस और प्रशासन का जताया आभार
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र ने साधु सेवा समिति के पदाधिकारी ऋषभ जैन को इस भव्य आयोजन की सफलता की जानकारी साझा की। अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मुनि संघ की अगवानी, विहार और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में स्थानीय पुलिस और प्रशासन का बहुत ही सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। इस सफल एवं निर्विघ्न आयोजन के लिए संपूर्ण जैन समाज ने पुलिस प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।









