जन संघर्ष मोर्चा की रैली में उमड़ा मवई-बिछिया के दर्जनों गांवों का जनसैलाब

वन अधिकार कानून में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ बिछिया में फूटा गुस्सा

  • 360 आदिवासियों ने दी शांतिपूर्ण गिरफ्तारी, राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
  • जन संघर्ष मोर्चा की रैली में उमड़ा मवई-बिछिया के दर्जनों गांवों का जनसैलाब

मंडला महावीर न्यूज 29. वन अधिकार कानून को लागू करने में जिला प्रशासन की कथित उदासीनता और ढुलमुल रवैये के खिलाफ मंडला जिले के सामाजिक संगठनों और जन संघर्ष मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में बिछिया में एक विशाल रैली और जनसभा का आयोजन किया गया। बिछिया मैदान में आयोजित इस सभा के बाद नगर के प्रमुख मार्गों से एक आक्रोश रैली निकाली गई। जब यह रैली बिछिया थाने पहुँची, तो अपनी मांगों के समर्थन में 360 आंदोलनकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से गिरफ्तारी दी और बाद में महामहिम राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इस आंदोलन में मवई और बिछिया विकासखंड के दर्जनों गाँवों से भारी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष शामिल हुए।

फाइलों में दबे हैं सामुदायिक और व्यक्तिगत वन अधिकार दावे 

राज्यपाल को भेजे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मंडला एक आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहाँ के सैकड़ों गाँव जंगलों के बीच या उनके आसपास बसे हैं, जो वन पारिस्थितिकी प्रणाली को बचाने के अभिन्न अंग हैं। वन अधिकार कानून के तहत सामुदायिक वन संसाधनों के अधिकारों को लेकर भोपाल से कई बार निर्देश जारी हो चुके हैं और मुख्यमंत्री द्वारा गठित टास्क फोर्स की टीम भी क्षेत्र का भ्रमण कर चुकी है।

बताया गया कि मवई विकासखंड के वन ग्राम रहंगी, पखवार, सुनहरा, बहरमुंडा पोंड़ी, गैतरा, खमरिया, मोहगांव, बरगांव, कोलुम गहन और बिछिया के सानी मोवाला सहित 10 ग्राम सभाओं द्वारा उपखंड स्तरीय समिति में जमा किए गए दावों पर जिला प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक और उपेक्षित रहा है। इसके साथ ही, जिले में हजारों की संख्या में व्यक्तिगत वन अधिकार दावे भी लंबे समय से लंबित पड़े हैं।

आंदोलन में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मिला साथ 

वनांचल के हक की इस लड़ाई में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, सम्पत सिंह धुर्वे, अमरू सिंह मरावी, दयाल सिंह चिचाम, इन्दरपाल पन्दरे, कवलू सिंह मुड़खिया, सुंदर मार्को, रुक्मिणी सुरेश्वर, रागिनी परते, चरण परते, विवेक पवार, जबलपुर के विनोद श्रीवास्तव और सामाजिक कार्यकर्ता समाधान पाटील सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और ग्रामीण उपस्थित रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लंबित दावों का निराकरण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


 

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