चुटका परमाणु परियोजना: 44 विस्थापित परिवारों का आधुनिक कॉलोनी में गृह प्रवेश
पीएचई मंत्री ने सौंपे पुनर्वास प्रतीकात्मक चेक
- गौंझीमाल में सजेंगे नए आशियाने
- हर प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार
- श्रीराम, हनुमान, राधा-कृष्ण मंदिरों के साथ बनेगा जनजातीय संस्कृति के सर्वोच्च आराध्य बड़ादेव का मंदिर
मंडला महावीर न्यूज 29. चुटका परमाणु परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों के सम्मानजनक और सुव्यवस्थित पुनर्वास की दिशा में जिला प्रशासन एवं शासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। रविवार को ग्राम गौंझीमाल स्थित नव-निर्मित आर एंड आर (पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन) आधुनिक कॉलोनी में 44 विस्थापित परिवारों का बेहद गरिमामय माहौल में गृह प्रवेश कराया गया। इस मुख्य गौरवमयी कार्यक्रम में प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने नए आवासों में पहुँचकर विस्थापित परिवारों का पारंपरिक स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय और विस्थापित परिवारों से आत्मीय संवाद करते हुए कैबिनेट मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि पुनर्वास का मतलब केवल मकान देना नहीं है, बल्कि प्रभावितों को बेहतर जीवन, सामाजिक सुरक्षा और हर जरूरी नागरिक सुविधाएं प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विस्थापितों को पुनर्वास अवार्ड राशि के प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए और उन्हें इस राशि का उपयोग अपने भविष्य के विकास तथा आजीविका को सुदृढ़ करने में करने की सलाह दी।
क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का सम्मान करते हुए मंत्री श्रीमती उईके ने बड़ी घोषणा की कि इस नई पुनर्वास कॉलोनी में श्रीराम, हनुमान, राधा-कृष्ण मंदिरों के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति के सर्वोच्च आराध्य ‘बड़ादेव’ मंदिर का भव्य निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही विस्थापित बच्चों की शिक्षा में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को आगामी दो दिनों के भीतर कॉलोनी में ही स्कूल का संचालन प्रारंभ करने के सख्त निर्देश दिए। रोजगार के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि चुटका परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से अनिवार्य रूप से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) की इस परियोजना के तहत कुल 330 परिवार विस्थापित होने हैं, जिनमें से अब तक 119 परिवारों को इस आधुनिक गौंझीमाल कॉलोनी में सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया जा चुका है, जबकि शेष परिवारों की प्रक्रिया भी काफी तेजी से जारी है।
कार्यक्रम में मौजूद मंडला कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने विस्थापितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने विशेष जानकारी दी कि नए आवासों में शिफ्ट हुए इन 44 परिवारों के लिए जिला प्रशासन द्वारा शुरुआती एक माह तक निःशुल्क भोजन (राशन) की व्यवस्था की गई है। इस नई गौंझीमाल पुनर्वास कॉलोनी को पूरी तरह सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाया गया है, जहाँ स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, पक्की चौड़ी सड़कें और बेहतरीन नाली व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं दी गई हैं।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कार्यक्रम में अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम मंडला सोनल सिडाम, एसडीएम निवास सी.एल. वर्मा, तहसीलदार हिमांशु भलावी, नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव, स्थानीय सरपंच विश्राम सहित एनपीसीआईएल के आला अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।










