आक्रोश-घुघरी में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा तोड़े जाने पर बवाल
वर्तमान व पूर्व जनपद अध्यक्ष ने दर्ज कराई एफआईआर
- बगैर एनओसी हटाई गई प्रतिमा
- जनप्रतिनिधियों और आदिवासी समाज में भारी नाराजगी
- पुलिस थाने पहुंचे भाजपा के दिग्गज नेता, सख्त कार्रवाई की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत घुघरी परिसर के समीप स्थापित गौरव की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा को तोड़े व हटाए जाने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वर्तमान जनपद अध्यक्ष जनिया बाई मरावी और पूर्व जनपद अध्यक्ष व वर्तमान जिला पंचायत सदस्य कौशल्या मरावी ने संयुक्त रूप से थाना घुघरी पहुंचकर अलग-अलग लिखित शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बिना अनुमति और NOC के हटाई गई प्रतिमा: जनिया बाई मरावी
वर्तमान जनपद अध्यक्ष जनिया बाई मरावी ने इस कृत्य पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जनपद पंचायत की बिना किसी पूर्व अनुमति, प्रस्ताव या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के इस प्रतिमा को तोड़ कर हटाया गया है। कार्यालय को इस संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले इस कृत्य की निष्पक्ष जांच कर उत्तरदायी व्यक्तियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
कमेटी की मंजूरी से स्थापित हुई थी मूर्ति: कौशल्या मरावी
पूर्व जनपद अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य कौशल्या मरावी ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान जनपद कमेटी के वैधानिक निर्णय और सर्वसम्मति के बाद ही परशुरामी गंगा कॉम्प्लेक्स परिसर के समीप वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा का ससम्मान अनावरण किया गया था। गौरव के प्रतीक को इस तरह गरिमाविहीन ढंग से तोड़ा जाना बेहद निंदनीय है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिकायत सौंपने पहुंचे क्षेत्र के दिग्गज नेता
थाने में लिखित शिकायत सौंपने के दौरान क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य रूप से भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज मरकाम, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामप्रकाश साहू, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र धुर्वे, महामंत्री संजय साहू, पूर्व मंडल अध्यक्ष शंभू प्रसाद साहू और पूर्व मीडिया प्रभारी नंदकिशोर पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस घटना के बाद से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और जनभावनाओं के मद्देनजर पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।










