लिफ्ट में फंसे 7 बच्चे, हलक में फंसी रहीं सांसें

मंडला के श्रीजी इन होटल में बड़ा हादसा टला

लिफ्ट में फंसे 7 बच्चे, हलक में फंसी रहीं सांसें

  • ओवरलोडिंग के कारण बंद हुई लिफ्ट
  • नियमों को ताक पर रखकर चल रही लिफ्ट

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के पड़ाव क्षेत्र स्थित श्रीजी इन होटल में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। होटल में चल रही एक बर्थडे पार्टी के बाद घर लौट रहे करीब 7 बच्चे लिफ्ट में फंस गए। लगभग 15 से 20 मिनट तक लिफ्ट के भीतर बंद रहने के कारण बच्चों को घुटन और घबराहट होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और वे तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जानकारी अनुसार पड़ाव मार्ग पर स्थित श्रीजी होटल में एक युवक ने अपने दोस्तों के लिए जन्मदिन की पार्टी रखी थी, जिसमें एक दर्जन से अधिक युवा शामिल हुए थे। देर रात पार्टी खत्म होने के बाद जब युवक घर लौटने लगे, तो उन्होंने नीचे उतरने के लिए लिफ्ट का सहारा लिया। बताया गया है कि उक्त लिफ्ट की क्षमता केवल 3 व्यक्तियों को ऊपर-नीचे ले जाने की है, लेकिन उसमें एक साथ 7 बच्चे सवार हो गए। क्षमता से अधिक वजन होने के कारण लिफ्ट बीच में ही जाम हो गई। शुरुआत में बच्चों को लगा कि बिजली गुल हुई है, लेकिन काफी देर तक कोई हलचल न होने पर वे चीखने-चिल्लाने लगे और परिजनों को फोन पर इसकी सूचना दी।

होटल स्टाफ और परिजनों के बीच जमकर हुआ विवाद 

इस घटना की खबर मिलते ही बदहवास परिजन होटल पहुंचे और बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान लिफ्ट को खोलने की प्रक्रिया में लिफ्ट का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे लेकर होटल स्टाफ और परिजनों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते मौके पर भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।

सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर संचालन का आरोप 

इस घटना ने होटल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। आक्रोशित परिजनों ने होटल प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि लिफ्ट बेहद सुस्त है और बिजली बाधित होने या तकनीकी खराबी की स्थिति में यहां कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस होटल के पास पर्याप्त पार्किंग तक की जगह नहीं है। नियमों और आवश्यक अनुज्ञा के बिना ही होटल का संचालन किया जा रहा है। यहां तक कि फायर सेफ्टी के नियमों का भी खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने शहर की बहुमंजिला इमारतों और होटलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन से होटल की वैधानिकता और लिफ्ट की तकनीकी जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


 

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