सरपंच, उपसरपंच की मनमानी के खिलाफ लामबंद हुए कछारी के ग्रामीण

ग्राम पंचायत ककैया में भ्रष्टाचार और अवैध रेत उत्खनन का आरोप

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन

  • पंचायत भवन पर ताला लगाने की दी चेतावनी
  • सरपंच, उपसरपंच की मनमानी के खिलाफ लामबंद हुए कछारी के ग्रामीण
  • घटिया निर्माण और अवैध खनन रोकने के लिए जिला प्रशासन से लगाई गुहार

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड भुआबिछिया की ग्राम पंचायत ककैया के पोषक ग्राम कछारी में सरपंच और उपसरपंच की कथित मनमानियों और भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर जन आक्रोश प्रस्ताव पारित किया है और जिला कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार और अवैध रेत उत्खनन की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्यों को बंद कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पंचायत भवन में तालाबंदी करेंगे।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम कछारी में ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे कई विकास कार्य गुणवत्ताहीन और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि शमशान घाट सड़क निर्माण कार्य में पंचायत द्वारा भारी लापरवाही बरतते हुए पूरी तरह से गुणवत्ताहीन और घटिया स्तर का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मुक्तिधाम रोड पर ठेकेदार ओमप्रकाश एवं उपसरपंच शिवप्रकाश द्वारा दो ऐसी पुलियाओं का निर्माण कराया जा रहा है जिनकी वहां कोई आवश्यकता ही नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जरूरत जबरन पुलिया बनाकर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे आगामी बरसात में गांव में भारी बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा। इसके साथ ही प्राथमिक शाला कछारी में बनाई जा रही बाउंड्रीवाल का निर्माण बिना कॉलम के ही किया जा रहा है, जो बेहद कमजोर और असुरक्षित है।

सुरपन नदी से किया जा रहा अवैध रेत उत्खनन 

शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से सुरपन नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर उसका भंडारण और विक्रय किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों द्वारा नदी का सीना छलनी करने से गांव का जलस्तर लगातार नीचे गिर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। इतना ही नहीं विगत 13 जून को जब ग्रामीणों ने अवैध उत्खनन रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने ग्रामीणों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की, जिससे ग्रामीणों ने बमुश्किल भागकर अपनी जान बचाई।

सरपंच-सचिव शिकायत पर नहीं दे रहे ध्यान 

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इन समस्याओं को लेकर सरपंच से बात की, तो उनके द्वारा ग्रामीणों को डराने और झूठे केस जिसमें एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में फंसाने की धमकी दी गई। इस संबंध में जब ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के सीईओ से संपर्क साधने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं ककैया पंचायत के सचिव ने पूर्व में 5 जून को ग्राम सभा आयोजित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ग्राम सभा आयोजित नहीं की गई।

ग्रामीणों ने दी तालाबंदी की चेतावनी 

लगातार उपेक्षा से नाराज होकर डिमाकू लाल, निरंजन, शारदा, प्रभात, रूपलाल, प्रताप, नरबदिया, अनुसूईया, समनी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने संयुक्त हस्ताक्षर कर जिला प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और इन अवैध व गुणवत्ताहीन कार्यों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा है कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो समस्त ग्रामीण ककैया पंचायत भवन में ताला लगा देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।


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