अद्भुत आस्था-फलों से सजा सूर्यकुंड धाम का हनुमान मंदिर
आज भक्तों को बंटेगा फलों का महाप्रसाद
- सोमवती अमावस्या पर सूर्यकुंड धाम में फल चढ़ावा समारोह आयोजित
- 24 घंटे में तीन रूप बदलने वाले बजरंगबली का हुआ अनोखा श्रृंगार
मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम सकवाह के अंतर्गत आने वाला सुप्रसिद्ध सूर्यकुंड धाम आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहाँ स्थित प्राचीन दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर सूर्यकुण्ड महाआरती भंडारा समिति सकवाह द्वारा एक भव्य फल चढ़ावा समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर श्रद्धालुओं ने दक्षिणमुखी श्री हनुमान जी महाराज के दरबार को विभिन्न प्रकार के मौसमी फलों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया।
बताया गया कि सूर्यकुंड धाम का यह प्राचीन हनुमान मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए अगाध आस्था का केंद्र है। यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मंदिर में स्थापित हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा 24 घंटे में तीन अलग-अलग रूप बदलती है। सुबह 4 से 10 बजे तक बाल स्वरूप में दर्शन होते है, इसके बाद सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक युवा स्वरूप और शाम 6 बजे से पूरी रात वृद्ध स्वरूप में नजर आते है। भगवान के इस चमत्कारिक और अद्भुत स्वरूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ खिंचे चले आते हैं।
मौसमी फलों से लगा भोग
सूर्यकुण्ड महाआरती भंडारा समिति सकवाह के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने मिलकर आम, तरबूज, केला, सेब सहित कई तरह के मौसमी फलों से श्री हनुमान जी को भोग लगाया और पूरे मंदिर परिसर को फलों से पाट दिया। जैसे ही इस अनोखे शृंगार की खबर फैली, आस-पास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए सूर्यकुंड धाम पहुंचने लगे। फल चढ़ावा समारोह के साथ ही मंदिर परिसर में अखंड रामायण पाठ का आयोजन भी किया गया।
आज शाम महाआरती के बाद होगा प्रसाद वितरण
सूर्यकुण्ड महाआरती भंडारा समिति सकवाह के मीडिया प्रभारी कमल किशोर कछवाहा ने बताया कि सोमवार से शुरू हुए इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन मंगलवार को किया जाएगा। मंगलवार की संध्या को आयोजित होने वाली विशेष महाआरती के बाद मंदिर को सजाने में उपयोग किए गए सभी फलों को उपस्थित श्रद्धालुओं और भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा।










