माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी पंचकोशी परिक्रमा का भव्य समापन

आस्था का अनूठा समागम

मंडला में माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी पंचकोशी परिक्रमा का भव्य समापन

  • देश-प्रदेश से जुटे हजारों श्रद्धालु
  • अधिकमास में 1587 श्रद्धालुओं ने लगाई माँ नर्मदा की परिक्रमा
  • आयोजन समिति का नया प्रयास सफल, कन्या पूजन और भंडारे के साथ पूर्णाहुति

मंडला महावीर न्यूज 29. महिष्मति नगरी मंडला में पूरे पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के दौरान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र रही ‘माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी पंचकोशी परिक्रमा’ का सोमवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ समापन हो गया। दिनांक 17 मई 2026 से शुरू हुआ यह पावन पुरुषोत्तम मास 15 जून 2026 को संपन्न हुआ। इस पूरे महीने ‘महिष्मति माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति’ के विशेष और नए प्रयासों के चलते धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही, जिसमें स्थानीय नागरिकों सहित देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।

देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालु, आंकड़ों ने बनाया रिकॉर्ड

आयोजन समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शकों— श्री नालू महाराज, श्री सुधीर कांसकार और श्री रामायण दुबे के महत्वपूर्ण व सुगम सुझावों के आधार पर इस पंचकोशी यात्रा का रूट तय किया गया था, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।परिक्रमा का लेखा-जोखा: पूरे अधिकमास में कुल 1587 श्रद्धालुओं ने पंचकोशी परिक्रमा पूर्ण कर पुण्य लाभ कमाया। इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें स्थानीय भक्तों के अलावा अन्य राज्यों से 326 और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए 648 श्रद्धालु शामिल हुए। बाहरी राज्यों में मुख्य रूप से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के भक्त माँ नर्मदा की भक्ति में सराबोर होने मंडला पहुंचे थे।

समिति के सक्रिय सदस्यों ने रचे नए कीर्तिमान

इस पूरे माह आयोजन समिति के सक्रिय सदस्यों ने अधिक से अधिक परिक्रमा करने के संकल्प को पूरा किया। सक्रिय सदस्यों में:

  • एडवोकेट श्री घनश्याम बर्मन ने सर्वाधिक 27 बार पंचकोशी परिक्रमा की।

  • श्री लाला राम चक्रवर्ती ने 24 बार परिक्रमा पूर्ण की।

  • गोकुलधाम निवासी श्रीमती पांडेय माताजी ने 11 बार

  • श्रीमती पूजा चक्रवर्ती ने 7 बार परिक्रमा की।

  • सेवानिवृत्त शिक्षक श्री संतोष पटेल एवं शिक्षक श्री भरत पटेल ने 5-5 बार तथा श्री श्याम श्रीवास ने 3 बार माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी पंचकोशी परिक्रमा पूर्ण कर अनूठी मिसाल पेश की।

बालभोग, कन्या भोजन और विशाल प्रसादी वितरण

परिक्रमा के दौरान प्रतिदिन तट परिवर्तन के बाद श्री आनंद पांडे के परिवार एवं अन्य भक्तों के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए ‘बालभोग’ (स्वल्पाहार) की उत्तम व्यवस्था की गई। पुरुषोत्तम मास के समापन अवसर पर सोमवार को भी नासिक, सिवनी, छिंदवाड़ा और स्थानीय भक्तों को प्रसादी का वितरण किया गया। यात्रा के समापन पर व्यास नारायण मंदिर में विधिवत संकल्प के उपरांत कन्या भोजन कराया गया और उपस्थित सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया।

आयोजन समिति ने जताया आभार

महिष्मति माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति ने इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान को ऐतिहासिक और सफल बनाने के लिए सभी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोगियों, दाताओं और श्रद्धालुओं का सहृदय आभार प्रकट किया है। समिति ने अपेक्षा व्यक्त की है कि आने वाले समय में भी सनातन संस्कृति और धार्मिक आयोजनों को जन-जन तक पहुंचाने में लोगों का ऐसा ही आत्मीय सहयोग हमेशा मिलता रहेगा।


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