कान्हा टाइगर रिजर्व में बड़ा हादसा
गश्ती दल पर बाघ का अचानक हमला, ड्यूटी पर तैनात वन श्रमिक लखनसिंह की मौत
- कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान, प्रबंधन ने जताया गहरा शोक
- कान्हा के घंघारनाला क्षेत्र में बाघ के हमले से सुरक्षा श्रमिक की मौत
- बीट नकटी घाटी के कक्ष क्रमांक 136 की घटना
- सुबह गश्ती के दौरान वन्यजीव ने किया हमला, वन अमले में शोक की लहर
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ वन्यजीव सुरक्षा और वनों की रक्षा में तैनात एक जांबाज अग्नि सुरक्षा श्रमिक पर सुबह गश्ती के दौरान एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक हमले में सुरक्षा श्रमिक लखनसिंह का दुखद निधन हो गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे कान्हा प्रबंधन और वन कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी अनुसार 14 जून की सुबह कान्हा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले परिक्षेत्र कान्हा की बीट नकटी घाटी के कक्ष क्रमांक 136 में, कैंप के समीप घंघारनाला क्षेत्र में वन अमले का एक दल रोज की तरह सुबह की गश्ती पर निकला था। इसी दौरान घने जंगलों के बीच घात लगाए बैठे एक वन्यजीव बाघ ने गश्ती दल पर अचानक और जोरदार हमला बोल दिया। हमला इतना त्वरित और हिंसक था कि दल में शामिल अग्नि सुरक्षा श्रमिक लखनसिंह पिता बुद्ध सिंह, 29 वर्ष, जाति गोंड, निवासी ग्राम आमगहन, जिला बालाघाट को संभलने का मौका नहीं मिला और इस हादसे में उनकी असमय व दर्दनाक मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता
घटना की सूचना मिलते ही कान्हा प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी और शव को पोस्टमार्टम की अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए नजदीकी चिकित्सालय भिजवाया। दुख की इस घड़ी में पीडि़त परिवार को संबल देने के लिए कान्हा प्रबंधन द्वारा तत्काल अग्रिम आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय नियमानुसार जो भी शेष मुआवजा राशि है, वह जल्द ही परिजनों को सौंप दी जाएगी।
कर्तव्य वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले वन कर्मी को दी श्रद्धांजलि
दुर्गम और संवेदनशील वन क्षेत्रों में हिंसक वन्यजीवों के बीच रहते हुए, अपनी जान की परवाह न कर वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा में अपने प्राण त्यागने वाले श्री लखनसिंह के इस सर्वोच्च बलिदान से समस्त कान्हा प्रबंधन गहरे शोक में है। कान्हा प्रबंधन ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में भी भारतवर्ष के जो वन कर्मी देश की वन संपदा और मूक वन्यजीवों की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैदी से डटे रहते हैं, यह प्रबंधन उन सभी के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता है।









