चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे चुटका क्षेत्र के सैकड़ों किसान

चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे चुटका क्षेत्र के सैकड़ों किसान

  • पुरानी सर्वे सूची रद्द करने की मांग, वर्ष 2021 नहीं, 2026 के रेट पर हो भुगतान
  • किसानों ने सीएम की घोषणा का हवाला देकर नए सिरे से सर्वे कराने की उठाई आवाज

मंडला महावीर न्यूज 29. टिकरिया, नारायणगंज से चुटका परमाणु विद्युत संयंत्र क्षेत्र तक बन रहे सड़क मार्ग के चौड़ीकरण का विवाद गहरा गया है। परियोजना में अधिग्रहित की जा रही भूमि का मुआवजा मौजूदा बाजार दर पर दिलाने की मांग को लेकर देवहारा और देवगांव के सैकड़ों किसानों ने कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे से मुलाकात की और एक आवेदन सौंपा।

बताया गया कि सौपे गए आवेदन में प्रभावित किसानों ने पुरजोर मांग की है कि प्रशासन द्वारा वर्ष 2021 में तैयार की गई पुरानी सर्वे सूची को तत्काल निरस्त किया जाए और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुसार नए सिरे से जमीनी सर्वे कराया जाए। किसानों का कहना है कि प्रशासन उन पर 5 साल पुराने यानी वर्ष 2021 के रेट के आधार पर मुआवजा लेने का दबाव बना रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की हालिया घोषणा का हवाला देते हुए मांग की है कि वर्तमान प्रचलित बाजार दर का चार गुना मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में भुगतान किया जाए। इसके साथ ही पूर्व के सर्वे में छूटे हुए सभी पात्र किसानों को भी नई सूची में शामिल किया जाए।

निजी भूमि पर काम रोकने की चेतावनी 

वर्तमान में सड़क चौड़ीकरण का कार्य निर्माण एजेंसी द्वारा युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। विवाद से बचने के लिए ठेकेदार द्वारा फिलहाल केवल सरकारी भूमि पर ही कार्य कराया जा रहा है, जबकि अधिग्रहित की गई निजी कृषि भूमि के टुकड़ों को बीच-बीच में छोड़ दिया गया है। मामले में प्रभावित किसानों का साथ दे रहे वरिष्ठ समाजसेवी पीडी. खैरवार ने स्पष्ट किया कि किसानों का रुख साफ है, जब तक पुरानी सर्वे सूची को रद्द कर नए सिरे से निष्पक्ष सर्वे नहीं होता और उचित दर पर मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वे अपनी निजी भूमि पर सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने देंगे। किसानों ने जिला प्रशासन से इस संवेदनशील मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की है।


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