अधूरी नल-जल योजना दे रही जख्म

अधूरी नल-जल योजना दे रही जख्म

भपसा और बसनिया के ग्रामीण पथरीली घाटी लांघकर पानी लाने को मजबूर

  • लाखों खर्च, सब कुछ तैयार फिर भी ठप पड़ी जलापूर्ति
  • नेवसा भाजपा, बसनिया के ग्रामीणों ने मंडला कलेक्टर से की शिकायत

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत भुआ बिछिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नेवसा भपसा के ग्रामीण इन भीषण गर्मी के दिनों में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में हर घर तक पानी पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। यहाँ के पोषक ग्राम भपसा एवं बसनिया में नल-जल योजना का कार्य अधर में छोड़ दिए जाने के कारण ग्रामीणों को दूर स्थित पथरीले घाटी वाले मार्ग से होते हुए जान जोखिम में डालकर पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने मंडला कलेक्टर को एक शिकायती पत्र सौंपा है।

उपलब्ध, पर तकनीकी लापरवाही से बंद पड़ा है काम 

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम भपसा और बसनिया में नल-जल योजना के तहत करीब 1 साल पहले सम्पवेल का निर्माण कर लिया गया था। वहीं लगभग 4 महीने पहले बोरिंग और पाइपलाइन बिछाने जैसे मुख्य कार्य भी पूरे हो चुके हैं। जलापूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक मोटर भी करीब 2 महीने पहले गांव में लाकर रख दी गई है। इसके बावजूद पिछले कई महीनों से योजना का शेष कार्य पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है।

मोटर स्थापना और बिजली पोल न होने से बढ़ी मुश्किलें 

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने के बाद भी केवल मोटर स्थापना और विद्युत आपूर्ति के लिए आवश्यक बिजली पोल व अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। इस मामूली लेकिन आवश्यक कार्य में हो रहे अनावश्यक विलंब के कारण पूरी योजना ठप पड़ी है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित बुनियादी ढांचा उपयोग के अभाव में निष्प्रभावी बना हुआ है, जिससे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं।

महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर दोहरी मार, जांच की मांग 

इस घोर प्रशासनिक अनदेखी का खामियाजा गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना पानी के लिए पथरीले और दुर्गम रास्तों का सफर तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कार्य में देरी करने वाले अधिकारियों एवं कार्य एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने समय-सीमा निर्धारित कर शेष तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने और भपसा व बसनिया में सुचारू जलापूर्ति शीघ्र प्रारंभ कराने की गुहार लगाई है।


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