घायलों को ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचाने वाले ‘राहवीर’ को मिलेंगे ₹25 हजार और प्रशस्ति पत्र
मंडला कलेक्टर की सख्त हिदायत
- सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता देना हमारी ड्यूटी
- ‘पीएम राहत योजना’ में निजी अस्पताल भी होंगे शामिल
- हादसों की मिनटों में दर्ज होगी रिपोर्ट
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला योजना भवन में आयोजित कानून और व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने सड़क सुरक्षा, यातायात सुधार और आपदा प्रबंधन को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी सहित जिले के तमाम आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ा है, ऐसे में पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन और स्वास्थ्य अमले की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘पीएम राहत योजना’ के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ शहर के निजी चिकित्सालयों को भी तत्काल एम्पैनल्ड (इम्पैनल्ड) करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
अस्पतालों को 24 घंटे में बनानी होगी पीड़ित की आईडी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि दुर्घटना के मामलों में संबंधित अस्पताल को 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर पीड़ित की आईडी बनाना अनिवार्य होगा, ताकि कोई भी मरीज सहायता से वंचित न रहे। बैठक में पिछले कुछ समय में दर्ज ‘हिट एंड रन’ के 26 मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें एसडीएम स्तर पर लंबित 6 प्रकरणों को समय-सीमा में निराकृत करने को कहा गया। साथ ही एनएच-30 पर अंजनिया से भाईबहन नाला के बीच ब्लैकस्पॉट सुधारने, स्पीड गवर्नर, रेडलाइट रिफ्लेक्टर लगाने और वाहनों की ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ई-डार पोर्टल: मिनटों में दर्ज होगी डिजिटल एफआईआर
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ‘ई-डार’ (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट) पोर्टल की खूबियों पर बैठक में चर्चा हुई। इस तकनीक के माध्यम से हादसा होते ही पुलिस, एंबुलेंस और अस्पताल स्टाफ मौके की तस्वीरें, वीडियो, गवाहों के बयान और जीपीएस लोकेशन तुरंत अपलोड करेंगे। यह डेटा ‘वाहन’ डेटाबेस से जुड़कर गाड़ी और ड्राइवर के लाइसेंस को तुरंत वेरीफाई करेगा। यूनिक नंबर जारी होने से बीमा क्लेम की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और फर्जी दावों पर रोक लगेगी।
पीएम राहत योजना: ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को धन के अभाव में इलाज से वंचित न होना पड़े, इसके लिए मंत्रालय द्वारा ‘पीएम राहत योजना’ संचालित है। इसके तहत देश की किसी भी सड़क पर हुए हादसे के पीड़ित को शुरुआती 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का पूरी तरह मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े सभी सरकारी और निजी अस्पताल इसके नेटवर्क में हैं। योजना का मुख्य फोकस दुर्घटना के तुरंत बाद के ‘गोल्डन ऑवर’ (कीमती समय) को बचाकर इलाज शुरू करना है।
जान बचाने वाले ‘राहवीर’ को ₹25,000 की नकद राशि
जिला परिवहन अधिकारी ने बैठक में ‘गुड समैरिटन’ यानी ‘राहवीर’ प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी। इसके तहत यदि कोई आम नागरिक किसी गंभीर घायल को हादसे के पहले 1 घंटे (गोल्डन ऑवर) में अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार उसे ₹25,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देगी।
- पात्रता व नियम: मददगार व्यक्ति पीड़ित का करीबी रिश्तेदार नहीं होना चाहिए। एक व्यक्ति साल में अधिकतम 5 बार इस पुरस्कार का पात्र होगा। यदि एक से अधिक लोग मदद करते हैं, तो राशि बराबर बांटी जाएगी।
- कानूनी सुरक्षा: मोटर वाहन अधिनियम के तहत मददगार को पूरी कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। पुलिस या अस्पताल प्रशासन उसकी सहमति के बिना उस पर गवाही या पूछताछ के लिए दबाव नहीं बना सकते।
यातायात और आपदा प्रबंधन पर भी रणनीति
कलेक्टर ने शहरी क्षेत्रों में सुगम यातायात के लिए ऑटो रिक्शा और हाथ ठेलों की नंबरिंग करने तथा उनके स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए। आगामी वर्षाकाल को देखते हुए उन्होंने बाढ़ एवं आपदा से निपटने की तैयारियां पुख्ता रखने तथा मटियारी डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले गांवों को समय रहते सूचित करने के निर्देश दिए हैं।









