माहिष्मति घाट पर सात दिवसीय संगीतमय रामधुन प्रारंभ
पहले दिन जनप्रतिनिधियों और संतों ने किया राम दरबार का पूजन
- नर्मदा तट पर गूंज रहे श्रीराम के जयकारे
- पुरुषोत्तम मास में एक नाम जपने से मिलेगा एक करोड़ नाम का पुण्य लाभ
मंडला महावीर न्यूज 29. मां नर्मदा के पावन तट माहिष्मति घाट पर बुधवार से सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम धुन का शुभारंभ हो गया है। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन राम दरबार, बाबा भोलेनाथ और बांके बिहारी लाल की विधि-विधान और वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य रूप से उपस्थित भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, स्वामी रामदास महाराज, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेश कछवाहा, सामाजिक कार्यकर्ता नीरज अग्रवाल, विजय अग्रवाल और पर्यावरण प्रेमी राजेश क्षत्री ने दीप प्रज्वलित कर और आरती उतारकर रामधुन का शुभारंभ कराया। इस गरिमामय अवसर पर माहिष्मति घाट के सेवादार और स्थानीय पंडित मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अंजनीया वाले गुरुजी के मार्गदर्शन में हो रहा आयोजन
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर कांसकार ने बताया कि यह सात दिवसीय रामधुन फट्टी वाले बाबा के शिष्य अंजनीया वाले गुरुजी के सानिध्य और कुशल मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है। संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच शुरू हुई इस रामधुन का रसपान करने के लिए पहले ही दिन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माहिष्मति घाट पहुंच रहे हैं। पूरे घाट क्षेत्र का वातावरण राममय और भक्तिमय हो गया है।
कलियुग में नाम सिमरन ही आधार, भक्तों से जुटने की अपील
धार्मिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए आयोजकों ने कहा कि कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा अर्थात् कलियुग में ईश्वर का नाम स्मरण ही मोक्ष का साधन है। विशेषकर पुरुषोत्तम मास (मलमास) में भगवान के एक नाम का जाप करने से एक करोड़ नाम जपने के बराबर पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी पावन उद्देश्य के साथ घाट पर लगातार मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवउ सो दशरथ अजिर बिहारी की चौपाइयां गूंज रही हैं। इस भव्य संगीतमय श्रीराम धुन का समापन आगामी 10 जून बुधवार को होगा। आयोजन समिति और माहिष्मति घाट के सेवादारों ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में मां नर्मदा के तट पर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।









