देश में पहली बार: काफिले में इलेक्ट्रिक कार शामिल करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव

देश में पहली बार: काफिले में इलेक्ट्रिक कार शामिल करने वाले पहले मुख्यमंत्री बने डॉ. मोहन यादव, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सीएम की नई ईवी का नंबर ‘विकसित भारत 2047’ का प्रतीक

  • डॉ. मोहन देश के पहले सीएम, जिन्होंने काफिले में शामिल की EV, दिया पीएम मोदी का संदेश
  • कंपनी का दावा- एक बार चार्ज करने पर चलेगी 500 किमी
  • पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा के लिए संकल्पित प्रदेश के मुखिया

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण और सादगी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता और ग्रीन एनर्जी की अपील का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को शामिल किया है। इसके साथ ही वे देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने शासकीय काफिले में पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक कार को जगह दी है। मुख्यमंत्री ने इस नई ईवी से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक का सफर तय कर इस शुरुआत को धरातल पर उतारा।

खास है कार का नंबर: ‘विकसित भारत’ की झलक

मुख्यमंत्री के काफिले में महिंद्रा कंपनी की अत्याधुनिक ‘XEV 9e’ इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है। इस कार का अलॉटेड नंबर MP-02-VB-2047 है, जो इन दिनों विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। इस नंबर में ‘VB’ का अर्थ ‘विकसित भारत’ और ‘2047’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है।

सिंगल चार्ज में 500 किमी का सफर और सुरक्षा के आधुनिक इंतजाम

कंपनी के दावों के मुताबिक, यह हाईटेक कार एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है। कार में सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से 360 डिग्री कैमरा सहित तमाम अत्याधुनिक और वैश्विक स्तर के फीचर्स मौजूद हैं। इस वीआईपी वाहन को सुचारू रूप से चलाने के लिए इसके चालकों को पहले ही विशेष और कड़ा प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुरू से ही प्रकृति संतुलन, पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए काफी गंभीर नजर आए हैं। हाल ही में वन्यजीव संरक्षण के तहत उनके निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में गिद्धों और मगरमच्छों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया है। सीएम का स्पष्ट मानना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर किया गया कोई भी विकास अधूरा है। सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे विकल्प ही आने वाले समय में देश और दुनिया को सतत विकास का नया मार्ग दिखाएंगे।

लगातार पेश कर रहे हैं सादगी और मितव्ययता की मिसाल

यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने इस तरह का कदम उठाया हो। इससे पहले भी वे कई बार फिजूलखर्ची रोकने और सादगी से रहने की मिसाल पेश कर चुके हैं। हाल ही में इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने वीआईपी कारों के बजाय स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक ‘टेम्पो ट्रैवलर’ बस में सफर किया था। वहीं, सिंगरौली में भी वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने सुरक्षा और सादगी के बीच तालमेल बिठाते हुए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या को भी काफी सीमित कर दिया है।


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