मां वैष्णो देवी के दरबार पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव
मप्र के धार्मिक स्थलों के लिए विकसित करेंगे ‘क्राउड मैनेजमेंट’ का आदर्श मॉडल
- महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला की व्यवस्थाओं को मिलेगी नई धार
- जनसुविधाओं का अध्ययन करने प्रतिनिधिमंडल के साथ कटरा पहुंचे मुख्यमंत्री
भोपाल/कटरा/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 29 मई को जम्मू-कश्मीर के पावन धाम कटरा पहुंचे। यहाँ उन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा संचालित उच्च स्तरीय भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट), जनसुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेना है। इस विशेष अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी कटरा पहुंचा है।
मप्र के प्रमुख देवस्थानों के लिए बनेगा उत्कृष्ट मॉडल
कटरा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, “हम एक विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि उज्जैन के महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक संस्थानों के विकास के लिए अध्ययन किया जा सके। हाल ही में माननीय उच्च न्यायालय ने धार स्थित भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि इन बड़े धार्मिक स्थलों पर उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ का प्रबंधन और जनसुविधाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।”
देश के अन्य हिस्सों में भी भेजी गई हैं टीमें
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग टीमें और प्रतिनिधिमंडल भेजे गए हैं, जो वहां की स्थानीय व्यवस्थाओं और बेहतरीन प्रबंधन प्रणालियों का अवलोकन व अध्ययन कर रहे हैं।
सीएम डॉ. यादव ने माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की सराहना करते हुए कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि यहाँ मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज तथा अनेक जनसेवा-प्रधान संस्थाएं भी बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु यहां सुनियोजित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को सहज, सुगम और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव प्राप्त होता है। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों को भी सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा।









