कान्हा टाइगर रिजर्व में गिद्धों के संरक्षण की कवायद
कान्हा टाइगर रिजर्व में शुरू हुई ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना
- पहले दिन 306 गिद्धों की हुई पुष्टि
- गिद्धों के संरक्षण को लेकर वन विभाग गंभीर
- कान्हा और फेन सेंचुरी में वैज्ञानिक पद्धति से शुरू हुआ गणना कार्य
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना-2026 के दूसरे चरण ग्रीष्मकालीन गणना का कार्य 22 मई से कान्हा टाइगर रिजर्व में शुरू हो गया है। गिद्धों की घटती संख्या पर चिंता और उनके संरक्षण के उद्देश्य से कान्हा के कोर एवं बफर वनमंडल के साथ फेन वाइल्डलाइफ सेंचुरी के सभी 13 परिक्षेत्रों में यह तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
वैज्ञानिक पद्धति से हो रही गणना
गिद्धों की सटीक जानकारी और उनके आवासों के आकलन के लिए वन विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। गणना के लिए कान्हा के समस्त परिक्षेत्रों की 182 बीटों को शामिल किया गया है। पहले दिन सुबह 5:30 बजे से ही वन अमला पूरी सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हो गया। इस बार की गणना पूरी तरह से वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन और डेटा शीट का उपयोग किया जा रहा है जिससे गिद्धों की वास्तविक संख्या का सटीक डेटा प्राप्त हो सके।
पहले दिन 306 गिद्धों की हुई पहचान
गिद्ध गणना के पहले दिन प्राप्त जानकारी के अनुसार कान्हा, किसली, मुक्की और सरही परिक्षेत्रों में भारतीय गिद्ध और सफेद पीठ वाले गिद्ध प्रजातियों के कुल 306 गिद्धों को चिन्हित किया गया है। यह तीन दिवसीय गणना कार्यक्रम आगामी 24 मई तक निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह गणना न केवल गिद्धों की वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करेगी, बल्कि उनके संरक्षण की दिशा में भविष्य की रणनीतियां बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।










