रहिमन पानी राखिये…
सीएम डॉ. मोहन यादव ने रहीम के दोहे से दिया जल संरक्षण का संदेश
- 30 जून तक चलेगा जल गंगा संवर्धन अभियान
- 25 मई को जन अभियान परिषद आयोजित करेगी भव्य कलश यात्रा
भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने रहीम के प्रसिद्ध दोहे “रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में जल के बिना किसी भी अनुष्ठान या जीवन की कल्पना संभव नहीं है। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित होने वाली ‘जल स्रोत पूजन’ और ‘गंगा कलश यात्रा’ के पोस्टर का विमोचन भी किया।
गंगा दशहरे पर होगा प्रदेशव्यापी श्रमदान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संचय के विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार गुड़ी पड़वा से 30 जून तक व्यापक स्तर पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ चला रही है।
विशेष आयोजन: गंगा दशमी के अवसर पर पूरे प्रदेश में एक साथ कुओं, बावड़ियों, नहरों और तालाबों के पुनरुद्धार के लिए श्रमदान किया जाएगा।
सहभागिता: इस अभियान में जन अभियान परिषद, ग्राम पंचायतें और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं मिलकर काम करेंगी।
नदियों का मायका और जल का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बदलते पर्यावरण और मौसम चक्र का हवाला देते हुए कहा कि आज पानी का महत्व पुनः रेखांकित हो रहा है। उन्होंने कहा:
“मध्यप्रदेश 250 से अधिक नदियों का मायका है। मां गंगा के प्रति हमारी सनातन प्रतिबद्धता है। कोई भी पूजा बिना जल संकल्प के पूरी नहीं होती, इसलिए जल चेतना के इस कार्य में हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।”
25 मई से शुरू होगा जन-जागरण
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद 25 मई से प्रदेश के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए परिषद के विशाल नेटवर्क का सहयोग लिया जाएगा।
- प्रस्फुटन समितियां और नवांकुर सखी।
- CMCLDP के छात्र एवं परामर्शदाता।
- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक।
- स्वैच्छिक, सामाजिक और आध्यात्मिक संगठन।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य लुप्त हो रहे जल स्रोतों का संरक्षण करना, पुराने तालाबों और बावड़ियों की सफाई करना और आम जनता को जल संचय की आधुनिक व पारंपरिक विधियों के प्रति जागरूक करना है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनता के सक्रिय जुड़ाव से ही यह सरकारी अभियान एक सार्थक सामाजिक अभियान में बदलेगा।










