5 वर्षीय नर बाघ की मौत

कान्हा नेशनल पार्क में 5 वर्षीय नर बाघ की मौत

मुक्की परिक्षेत्र में मिला शव

  • टेरिटोरियल फाइट और फेफड़ों में संक्रमण से मौत की आशंका
  • अधिकारियों और एनटीसीए प्रतिनिधि की मौजूदगी में हुआ भस्मीकरण

मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र के बीट मोहगांव के कक्ष क्रमांक 156 में एक 5 से 6 वर्ष के नर बाघ का शव मिलने से पार्क प्रबंधन और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है । प्रारंभिक जांच में बाघ की मौत आपसी संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) के कारण आई चोटों और फेफड़ों में संक्रमण की वजह से होना सामने आया है।जानकारी अनुसार मंगलवार 19 मई की सुबह कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक, उप संचालक और वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी को मुक्की परिक्षेत्र में एक बाघ के घायल और अस्वस्थ होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर अधीनस्थ वन अमले के साथ क्षेत्र में बाघ की तलाश और मॉनिटरिंग का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। इसी खोजबीन के दौरान गश्ती दल को उक्त बाघ मृत अवस्था में झाडिय़ों के बीच पड़ा मिला।

डॉग स्क्वॉड से कराई गई घटना स्थल की जांच 

बाघ का शव मिलते ही पार्क प्रबंधन ने इसकी सूचना तत्काल प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मप्र भोपाल को दी । राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के कड़े प्रोटोकॉल के तहत सबसे पहले घटना स्थल को चारों तरफ से पूरी तरह सुरक्षित किया गया। किसी भी प्रकार की शिकारी गतिविधि या मानवीय साजिश की आशंका को खारिज करने के लिए डॉग स्क्वॉड की सहायता से पूरे घटना स्थल और आसपास के क्षेत्र का गहन निरीक्षण कराया गया।

शव के सभी अंग मिले सुरक्षित, फोरेंसिक सैंपल लिए गए 

वन्यजीव चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल, बैहर के पशु चिकित्सक डॉ. आशीष वैद्य और पशु चिकित्सक डॉ. ज्योति मरावी के तीन सदस्यीय दल द्वारा मृत बाघ का पोस्टमार्टम, शव परीक्षण किया गया। डॉक्टरों के पैनल ने जांच में पाया कि मृत बाघ नर था और उसकी उम्र लगभग 5-6 वर्ष के बीच थी। बताया गया कि बाघ के शरीर के समस्त अंग और महत्वपूर्ण अवयव जैसे कि उसके चारों केनाइन नुकीले दांत, नाखून और मूंछ के बाल पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह शिकार का मामला नहीं है। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों की टीम ने मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और अन्य फोरेंसिक जांच के लिए सैंपल भी संकलित किए हैं ।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार 

पोस्टमार्टम की वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनटीसीए द्वारा निर्धारित समस्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। भस्मीकरण समिति के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों की प्रत्यक्ष मौजूदगी में वन्यजीव बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस संपूर्ण संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रविन्द्र मणी त्रिपाठी, उप संचालक पीके वर्मा, हालोन के सहायक संचालक अजय ठाकुर, मलांजखंड के सहायक संचालक मितेन्द्र चिचखेड़े, तहसीलदार एसएस मार्को, कुमादेही की सरपंच स्नेहलता पंद्रे, एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. श्रवणा गोस्वामी, फील्ड बायोलॉजिस्ट अजिंक्य देशमुख, मुक्की के परिक्षेत्र अधिकारी वीरेन्द्र जामोर और खापा बफर की परिक्षेत्र अधिकारी संध्या देशकर सहित अन्य वन अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


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