नैनपुर में मौत को दावत देते सरियों से लदे वाहन
नियमों को ताक पर रख हो रहा परिवहन
- मालवाहकों से बाहर निकले नुकीले सरिये बढ़ा रहे दुर्घटना का ग्राफ
- प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए लोहे के सरियों का असुरक्षित परिवहन धड़ल्ले से जारी है। छोटे-बड़े मालवाहक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में क्षमता से अधिक और बेतरतीब तरीके से लदे ये सरिये आए दिन बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। विडंबना यह है कि मुख्य मार्गों पर मौत बनकर दौड़ रहे इन वाहनों पर संबंधित विभाग ने चुप्पी साध रखी है।
बताया गया कि नगर में भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले छोटे वाहनों और ट्रैक्टरों में लोहे के सरियों को इस कदर लादा जा रहा है कि वे वाहन की बॉडी से कई फीट बाहर तक लटके रहते हैं। आमतौर पर इन सरियों की लंबाई 20 से 25 फीट होती है, जो छोटे वाहनों के आगे और पीछे खतरनाक तरीके से निकले रहते हैं। इससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए निकलना दूभर हो गया है।
रात में बढ़ जाता है खतरा
क्षेत्रवासियों का कहना है कि रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। अंधेरे में वाहनों के बाहर निकले ये नुकीले सरिये दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे पीछे से आने वाले दोपहिया वाहनों के टकराने का अंदेशा बना रहता है। इन वाहनों में सुरक्षा के लिहाज से न तो कोई रेडियम लगाया जाता है और न ही कोई लाल कपड़ा बांधा जाता है।
मौन बैठा जिम्मेदार विभाग
परिवहन नियमों के अनुसार वाहन की बॉडी से बाहर माल निकालना दंडनीय अपराध है, लेकिन नैनपुर में यह अवैध तरीका एक सामान्य प्रक्रिया बन चुका है। ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असुरक्षित परिवहन पर तत्काल रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।
सड़कों पर बिखरी निर्माण सामग्री बनी मुसीबत, आए दिन हो रहे हादसे
- अस्त-व्यस्त पड़ी गिट्टी-रेत से राहगीर परेशान
- प्रशासन की अनदेखी से नागरिकों में बढ़ रहा रोष
मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में इन दिनों प्रधानमंत्री आवास योजना सहित निजी मकानों का निर्माण कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है। लेकिन इस विकास कार्य के बीच निर्माण सामग्री का सड़कों पर अवैध और बेतरतीब भंडारण आम जनता के लिए बड़ी आफत बन गया है। नगर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक में बिखरी गिट्टी, रेत और लोहे के कारण यातायात बुरी तरह बाधित हो रहा है।
सड़कों पर फैली निर्माण सामग्री के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। गिट्टी और बारीक रेत पर टायर फिसलने से कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। आलम यह है कि मोहल्लों की संकरी गलियों में पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण सामग्री को व्यवस्थित तरीके से डंप किया जाए, तो आवागमन में इतनी असुविधा नहीं होगी, लेकिन भवन स्वामियों की मनमानी के कारण सामग्री पूरी सड़क पर फैल जाती है।
जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ी समस्या
हैरानी की बात यह है कि इन्हीं सड़कों से प्रशासनिक अधिकारी भी गुजरते हैं, लेकिन इस अव्यवस्था को नजरअंदाज कर दिया जाता है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की इस चुप्पी के कारण निर्माण कराने वालों के हौसले बुलंद हैं और वे सड़कों को निजी संपत्ति समझकर उपयोग कर रहे हैं।
दंडात्मक कार्रवाई की मांग
नगर के नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करने वालों और सड़कों पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही, निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के निर्देश दिए जाएं ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके और यातायात सुचारू हो सके।










