इलाज के बाद दहाड़ते हुए जंगल लौटा तेंदुआ

कान्हा टाइगर रिजर्व-इलाज के बाद दहाड़ते हुए जंगल लौटा तेंदुआ

प्रबंधन की तत्परता आई काम

  • भैसानघाट में घायल मिले तेंदुए का सफल रेस्क्यू और उपचार
  • मुक्की क्वारंटाइन सेंटर में हुआ स्वास्थ्य संवर्धन

मंडला महावीर न्यूज 29.  विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से एक घायल तेंदुए को नया जीवन मिला है। भैसानघाट परिक्षेत्र में घायल अवस्था में मिले तेंदुए का सफल उपचार करने के बाद उसे पुनः उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित मुक्त कर दिया गया है।

गश्ती दल की सूचना पर हुआ सुरक्षित रेस्क्यू

मामला कुछ दिन पूर्व का है, जब भैसानघाट परिक्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन अमले को एक तेंदुआ गंभीर रूप से घायल दिखाई दिया था। सूचना मिलते ही कान्हा प्रबंधन ने सक्रियता दिखाई और 12 मई 2026 की रात को घेराबंदी कर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

विशेषज्ञों की देखरेख में चला इलाज

तेंदुए की स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने 13 मई की सुबह उसका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उसे मुक्की क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया। यहाँ वन्य प्राणी चिकित्सकों की टीम ने दिन-रात उसकी निगरानी की और घावों का उपचार किया।

प्राकृतिक आवास में सुखद वापसी

निरंतर उपचार और बेहतर आहार प्रबंधन के फलस्वरूप तेंदुआ कुछ ही दिनों में पूर्णतः स्वस्थ हो गया। पूरी तरह फिट पाए जाने पर 17 मई 2026 की शाम को वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उसे जंगल में छोड़ा गया। पिंजरे का गेट खुलते ही तेंदुआ फुर्ती के साथ दौड़ते हुए अपने प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में ओझल हो गया।इस अवसर पर कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री रविन्द्र मणि त्रिपाठी, उप संचालक श्री पी. के. वर्मा, सहायक संचालक हालोन एवं फेन सहित अन्य अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित रहे। वन्य जीव प्रेमियों ने कान्हा प्रबंधन की इस त्वरित कार्रवाई और सफल प्रबंधन प्रणाली की सराहना की है।


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