मंडला में “मस्ती की पाठशाला” का जलवा

मंडला में “मस्ती की पाठशाला” का जलवा

फन गेम्स और एरोबिक्स से फिट हो रहे बच्चे

  • ‘आरोह-2026’ में 2000 से अधिक खिलाड़ी ले रहे प्रशिक्षण
  • खेल, फिटनेस और व्यक्तित्व विकास का बना अनूठा संगम

मंडला महावीर न्यूज 29.  मंडला जिले में इन दिनों खेल और उत्साह की एक नई लहर दिखाई दे रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर “आरोह-2026” बच्चों और अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। “मस्ती की पाठशाला” थीम पर आधारित यह शिविर न केवल बच्चों को खेलों की बारीकियां सिखा रहा है, बल्कि उन्हें मनोरंजन के साथ फिटनेस का पाठ भी पढ़ा रहा है।

कलेक्टर और एसपी के मार्गदर्शन में सफल संचालन

खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग की पहल पर शुरू हुए इस शिविर का संचालन जिला कलेक्टर राहुल धोटे एवं पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। खेल अधिकारी विकास खराडकर ने बताया कि 1 मई से शुरू हुआ यह शिविर 31 मई 2026 तक जारी रहेगा। जिले के सभी विकासखंडों और जिला मुख्यालय सहित लगभग 40 स्थानों पर यह आयोजन किया जा रहा है, जहाँ शाम 4:30 से 6:30 बजे तक मैदान खिलाड़ियों की ऊर्जा से गुलजार रहते हैं।

20 खेलों में 2000 खिलाड़ियों की सहभागिता

शिविर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, तैराकी, कुश्ती और एथलेटिक्स सहित कुल 20 खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्तमान में 2000 से अधिक खिलाड़ी 50 अनुभवी प्रशिक्षकों की देखरेख में अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। जिला मुख्यालय पर अकेले 17 खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि प्रत्येक विकासखंड में भी 2-2 प्रमुख खेलों का संचालन हो रहा है।

खेलों के साथ ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट’ पर जोर

“मस्ती की पाठशाला” की सबसे बड़ी विशेषता इसकी शुरुआत है, जो एरोबिक्स, फिटनेस एक्टिविटी और फन गेम्स के साथ होती है। खेल प्रशिक्षण के अलावा यहाँ ‘फिट इंडिया मूवमेंट’, व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता और पारिवारिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। शिविर में विशेष रूप से बालिकाओं और महिलाओं को आत्मरक्षा (Self-Defense) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे सशक्त और निडर बन सकें।

प्रमाण पत्र और भविष्य की प्रतिभाएं

प्रशासन का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाए। सभी प्रतिभागियों का ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है और शिविर समापन पर उन्हें ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। अभिभावकों का कहना है कि मोबाइल की लत से दूर बच्चों के लिए यह शिविर शारीरिक और मानसिक विकास का सबसे बेहतरीन मंच साबित हो रहा है।


मुख्य आकर्षण:

  • अवधि: 01 मई से 31 मई 2026 तक।
  • प्रशिक्षण स्थल: जिले भर में 40 विभिन्न स्थान।
  • विशेषता: एरोबिक्स, फन गेम्स और आत्मरक्षा का विशेष प्रशिक्षण।
  • उद्देश्य: स्वस्थ समाज का निर्माण और नई खेल प्रतिभाओं की खोज।

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