उदयपुर में बेलगाम हाईवा का तांडव, एक की मौत

हाईवा का कहर

रेत से लोड़ अनियंत्रित हाईवा ने ट्रैक्टर को रौंदा, एक की मौत

  • दूसरा जिंदगी और मौत के बीच
  • उदयपुर में बेलगाम हाईवा का तांडव
  • ओवरलोडिंग और नींद के झोंकों ने ली मासूम की जान
  • प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर राष्टीय राजमार्ग पर स्थित बीजाडांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उदयपुर में सोमवार की सुबह एक खौफनाक सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार और रेत से लोड़ अनियंत्रित हाईवा ने पेट्रोल पंप के सामने ट्रैक्टर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में ट्रैक्टर सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीणों ने बेलगाम हाईवा चालकों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।जानकारी अनुसार सोमवार को फिरोज मंसूरी 45 वर्ष, निवासी उदयपुर और पेसी लाल 55 वर्ष, निवासी तरवानी अपने ट्रैक्टर में डीजल डलवाने के लिए ग्राम उदयपुर स्थित पेट्रोल पंप की ओर निकले थे। जैसे ही वे पंप के पास पहुंचे, मंडला की ओर से आ रहे रेत से लोड एक हाईवा ने पीछे से ट्रैक्टर को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर हाईवे के अगले हिस्से में फंस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक ने ट्रैक्टर के फंसने के बाद भी उसे करीब 20 फीट तक सड़क पर घसीटा। इस दौरान ट्रैक्टर पर सवार फिरोज और पेसी लाल उछलकर काफी दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को तुरंत जबलपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने पेसी लाल को मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। वहीं फिरोज मंसूरी की हालत फिलहाल अत्यंत नाजुक बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं।

नींद के झोंकों में था चालक 

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हाईवा का चालक संभवत: नींद के झोंकों में था। अधिक फेरे लगाने और मुनाफा कमाने के चक्कर में चालक रात-भर जागते हैं, जिससे दिन के समय ऐसे भयानक हादसे होते हैं। दुर्घटना के तुरंत बाद भागने की कोशिश कर रहे चालक और हाईवा गाड़ी को ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक पेसी लाल के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गाँव में शोक के साथ प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा देखा जा रहा है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन जनता का विश्वास तभी बहाल होगा जब सड़क पर दौड़ते इन किलर भारी वाहनों पर नकेल कसी जाएगी।

यमदूत बनकर दौड़ रहे बेलगाम ओवरलोडिंग हाईवा 

मंडला-जबलपुर हाईवे पर ओवरलोड हाईवा का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सैकड़ों हाईवा रोजाना क्षमता से अधिक रेत भरकर यमदूत की तरह सड़क पर दौड़ते हैं। ओवरलोडिंग के कारण ये वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और ब्रेक लगाने में असमर्थ होते हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही उदयपुर और बीजाडांडी के बीच एक हाईवा सड़क से 15 फीट नीचे जा गिरा था, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग मौन साधे हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि मंडला से लेकर उदयपुर तक के रास्ते में कई पुलिस थाने और चौकियां पड़ती हैं, लेकिन इन बेलगाम हाईवा पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। ग्रामीणों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन केवल दोपहिया वाहन चालकों पर हेलमेट और कागजों के नाम पर कार्रवाई कर उन्हें परेशान करते हैं, लेकिन मौत बनकर दौड़ रहे इन बड़े वाहनों को रोकने की हिम्मत किसी में नहीं है।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा 

इन ओवरलोड हाईवा के कारण सड़क पर केवल हादसों का ही डर नहीं है, बल्कि इनसे उडऩे वाली रेत भी राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। हाईवे के किनारे रेत की परतें जम गई हैं। जब ये वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं, तो पीछे उड़ती हुई रेत दोपहिया वाहन चालकों की आंखों में घुस जाती है, जिससे संतुलन बिगडऩे से छोटी गाडिय़ां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग 

उदयपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि जल्द ही इन वाहनों की रफ्तार और लोडिंग पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आए दिन निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ेगी। ग्रामीणों और पीडि़त परिजनों ने मांग की है कि ओवरलोड वाहनों पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। निश्चित समय सीमा से अधिक वाहन चलाने वाले चालकों का लाइसेंस निरस्त किया जाए। नेशनल हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए जिससे तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित किया जा सके।


 

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