कान्हा टाइगर रिजर्व में नर बाघ शावक की मौत

कान्हा टाइगर रिजर्व में नर बाघ शावक की मौत

विशेषज्ञों ने जताई स्वाभाविक मृत्यु की संभावना

  • कान्हा के सरही वन परिक्षेत्र में नर बाघ शावक का शव बरामद
  • पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
  • बाघ शावक के सभी अंग सुरक्षित, प्राकृतिक मृत्यु की आशंका

मंडला महावीर न्यूज 29। कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही वन परिक्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मंगलवार को एक नर बाघ शावक का शव बरामद किया गया। पार्क प्रबंधन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया और निर्धारित नियमों के तहत अंतिम संस्कार संपन्न किया।

गश्त के दौरान मिला शावक का शव

जानकारी अनुसार सरही वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 668 (69), बीट सरहीनकान के अंतर्गत ‘बड़े अमाही नाला’ के पास वन अमले को एक नर बाघ शावक मृत अवस्था में मिला। घटना की पुष्टि होते ही एनटीसीए और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक के दिशा-निर्देशों के तहत इलाके को सील कर दिया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के क्षेत्र की सघन तलाशी ली गई, जहाँ पास ही में एक मादा बाघ अपने अन्य शावकों के साथ मौजूद पाई गई।  

सभी अंग सुरक्षित, विशेषज्ञों ने किया पोस्टमार्टम

मृत शावक का पोस्टमार्टम विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा किया गया, जिसमें जबलपुर वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक स्कूल के प्रोफेसर डॉ. सोमेश सिंह, मोतीनाला के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील गोयल और बिछिया के डॉ. विशाल उद्दे शामिल थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार शावक के सभी अंग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं और प्रथम दृष्टया यह स्वाभाविक मृत्यु का मामला जान पड़ता है।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार 

मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए, वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शावक का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारी में सीसीएफ जबलपुर एमआर बघेल, क्षेत्र संचालक कान्हा, उप संचालक श्रीमती अमीता के.बि. और सहायक संचालक सूरज सिंह सेन्द्राम, प्रशासनिक एवं जन प्रतिनिधि में तहसीलदार शंकरलाल मरावी और ग्राम पंचायत कटंगा की सरपंच श्रीमती पार्वती उइके और अन्य: एनटीसीए प्रतिनिधि जिनब खान और मानद वन्यप्राणी अभिरक्षक चंद्रशेखर खरे मौजूद रहे। समस्त कार्यवाही की पारदर्शिता के लिए इसकी फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई है।



 

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