अक्षय तृतीया पर गूँजी शहनाई, लोक परंपरा का निर्वहन

अक्षय तृतीया पर गूँजी शहनाई, लोक परंपरा का निर्वहन

  • सुख-समृद्धि की कामना के साथ निवास में संपन्न हुआ गुड्डा-गुड्डी का विवाह
  • निवास के खेरमाई परिसर में युवतियों ने रचाया गुड्डा-गुड्डी का विवाह

मंडला महावीर न्यूज 29। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर निवास नगर के खेरमाई मोहल्ले में वर्षों पुरानी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। यहाँ स्थित प्राचीन खेरमाई मंदिर परिसर में मोहल्ले की युवतियों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ ‘गुड्डा-गुड्डी’ का विवाह संपन्न कराया।

पारंपरिक रीति-रिवाजों का हुआ पालन

विवाह की रस्में बिल्कुल असली विवाह की तरह ही निभाई गईं। युवतियों ने मंदिर परिसर में स्थित वृक्ष के नीचे आकर्षक मंडप सजाया और मंगल गीत गाए। पंडितों की भांति मंत्रोच्चार के बीच गुड्डा-गुड्डी के फेरे कराए गए। इस दौरान पूरा परिसर उत्सव के माहौल में डूब गया। पूजन के पश्चात उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरण किया गया।

सुख-समृद्धि और सुयोग्य वर की मान्यता

क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर गुड्डा-गुड्डी का विवाह कराने से क्षेत्र और घरों में सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही, ऐसी भी मान्यता है कि इस आयोजन में शामिल होने वाली कन्याओं को भविष्य में सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास

आयोजन में मुख्य रूप से अदिति बर्मन, श्रेया ठाकुर, अनामिका नामदेव, हंसिका बर्मन और पलक नामदेव सक्रिय रहीं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अपनी विलुप्त होती पुरानी परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति से परिचित कराना है।इस अनूठे विवाह उत्सव में मोहल्ले की महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक गीतों पर आनंद मनाया।



रिपोर्टर – रोहित प्रशांत चौकसे, निवास 

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