निवास में हुए अंधे कत्ल का 24 घंटे में खुलासा
पति और बेटा ही निकले कातिल
- घरेलू विवाद में खौफनाक अंत
- पिता-पुत्र ने मिलकर ली महिला की जान, आरोपी गिरफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29| मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत निवास थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल की है। ग्राम घुरनेर में हुई एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और पुत्र को ही गिरफ्तार किया है।
जानकारी अनुसार विगत दिवस 17 अप्रैल को निवास के ग्राम घुरनेर में एक घर के भीतर महिला की संदिग्ध अवस्था में लाश मिलने की खबर से सनसनी फैल गई थी। प्रार्थी मुकेश पटेल की रिपोर्ट पर मृतिका तुलसा बाई (45 वर्ष) का मर्ग कायम कर पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। मामला संदिग्ध होने के कारण तत्काल एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
15 साल का विवाद बना हत्या की वजह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी निवास के मार्गदर्शन में गठित टीम ने जब बारीकी से जांच की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बताया गया कि मृतिका और उसके पति के बीच पिछले 15-20 वर्षों से विवाद चल रहा था, जिसके कारण वे अलग-अलग रह रहे थे। 15 अप्रैल की शाम को फिर से पुरानी बातों पर विवाद हुआ। गुस्से में आकर पुत्र मनोहर ने मां को जमीन पर पटक दिया, जिसके बाद पति चन्द्रिका प्रसाद ने गला दबाया और पत्थर से सिर व चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य छिपाने की कोशिश
हत्या के बाद चन्द्रिका प्रसाद उर्फ प्रकाश सिंगरौरे (50 वर्ष) मृतिका का पति और मनोहर प्रसाद सिंगरौरे (24 वर्ष) मृतिका का पुत्र ने खून से सने हाथ धोए और कपड़े बदलकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना के वक्त पहने हुए खून से सने कपड़े और हत्या में प्रयुक्त पत्थर जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल घासले, उनि पंक विश्वकर्मा, उनि हिमांशु चौहान, सउनि भुवन अतकरे और उनकी पूरी टीम (आरक्षक रोहित, अभिनव, स्वरूप, बुद्धसेन, ज्ञानेन्द्र एवं सैनिक इन्दर) की विशेष भूमिका रही।










