ढाई साल से लंबित 65 लाख की ईपीएफ राशि कर्मचारियों के खाते में जमा

बिछिया नगर परिषद की ऐतिहासिक पहल

ढाई साल से लंबित 65 लाख की ईपीएफ राशि कर्मचारियों के खाते में जमा

  • संस्कार बावरिया के नेतृत्व में बदली निकाय की सूरत
  • 20 दिनों के रिकवरी अभियान से मिली सफलता, कर्मचारियों में हर्ष

मंडला महावीर न्यूज 29. नगर परिषद भुआ बिछिया में कार्यरत 52 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए आज का दिन किसी बड़े त्यौहार या बोनस की खुशी से कम नहीं रहा। पिछले 28 महीनों (ढाई साल) से लंबित उनकी ईपीएफ राशि को आखिरकार नगर परिषद द्वारा ईपीएफओ के नियमों के तहत उनके यूएएन खातों में जमा कर दिया गया है।

निकाय में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से अपने भविष्य निधि की राशि जमा करने की मांग कर रहे थे। इसके लिए कर्मचारी संघ द्वारा पूर्व में कलेक्टर मंडला और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को जनसुनवाई में आवेदन भी दिए गए थे। शासन के नियमानुसार कर्मचारी के मूल वेतन और डीए का 12 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी और 12 प्रतिशत नियोक्ता द्वारा जमा किया जाता है, जिससे भविष्य में पेंशन और रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित होते हैं। इस राशि के जमा न होने से कर्मचारी शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित थे।

डिप्टी कलेक्टर संस्कार बावरिया की सक्रियता 

इस जटिल समस्या का समाधान तब संभव हुआ जब हाल ही में पदस्थ संस्कार बावरिया (डिप्टी कलेक्टर एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी) ने कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने कर्मचारियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए मात्र 20 दिनों की अल्प अवधि में रणनीतिक कार्य किया। निकाय की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए उन्होंने विशेष वसूली अभियान चलाया, जिससे निकाय की आय में वृद्धि हुई।

65 लाख रुपये का हुआ भुगतान 

आय में वृद्धि होते ही लगभग 65 लाख रुपये की लंबित राशि का चालान ईपीएफओ नियमों के अनुरूप जमा कर दिया गया। संस्कार बावरिया की इस कार्यकुशलता और निष्ठापूर्ण निर्णय की प्रशंसा पूरे नगर में हो रही है। कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने पर अधिकारी का आभार व्यक्त किया है। यह कदम दर्शाता है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही प्रबंधन के साथ कार्य किया जाए, तो वित्तीय चुनौतियों के बावजूद जनहित के कार्य मुमकिन हैं। इस सराहनीय कार्य में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के मार्गदर्शन में निकाय के समस्त कर्मचारियों का भी विशेष योगदान रहा।



 

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