सूर्यकुण्ड धाम में ब्रह्ममुहूर्त में गूंजे हनुमान जी के जयकारे

सूर्यकुण्ड धाम में ब्रह्ममुहूर्त में गूंजे हनुमान जी के जयकारे

तड़के 3.45 पर मनाया जन्मोत्सव, उमड़ा भक्तों का सैलाब

  • तीन स्वरूपों में दर्शन देते हैं यहाँ के बजरंगबली
  • सूर्यकुण्ड मंदिर में भव्य आतिशबाजी और पूजन के साथ संपन्न हुआ जन्मोत्सव

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सूर्यकुण्ड धाम में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व इस वर्ष अगाध श्रद्धा, भक्ति और अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा क्षेत्र जय श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

भोर में 3.45 पर हुआ प्राकट्योत्सव

हनुमान जन्मोत्सव का मुख्य और शुभ क्षण तड़के प्रात: 3 बजकर 45 मिनट पर आया। इस दौरान विद्वान पुजारियों द्वारा विशेष पूजन-अर्चन और महाआरती की गई। जन्मोत्सव की घोषणा होते ही भव्य आतिशबाजी की गई, जिसने आसमान को सतरंगी रोशनी से सराबोर कर दिया। उपस्थित हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक पल के साक्षी बने और भक्ति में लीन होकर झूम उठे।

बाल, युवा और वृद्ध स्वरूप के दर्शन 

सूर्यकुण्ड धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा है। मंदिर के सेवादारों के अनुसार, यहाँ भगवान अपने भक्तों को तीन स्वरूपों बाल, युवा और वृद्ध रूप में दर्शन देते हैं। यही विलक्षणता इस धाम को अन्य मंदिरों से अलग बनाती है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है, जिसके चलते यहाँ साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है।

श्रद्धालुओं में रहा उत्साह 

मंदिर के पुजारी मुरलीधर नंदा ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में भारी बढ़ोतरी देखी गई। मंदिर परिसर को विशेष रूप से फूलों और विद्युत सज्जा से सजाया गया था। आयोजन को सफल बनाने में सेवादार शंकर सिंधिया और रितेश कछवाहा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालु पूनम सिंधिया ने बताया कि यहाँ आकर अद्भुत मानसिक शांति और दैवीय शक्ति का अनुभव होता है। पूजन के बाद सभी भक्तों को विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। सूर्यकुण्ड धाम में आयोजित इस गरिमामय उत्सव ने एक बार फिर क्षेत्र की अटूट धार्मिक आस्था को रेखांकित किया है।



 

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