नैनपुर में डीआरएम ऑफिस की मांग फिर तेज

नैनपुर में डीआरएम ऑफिस की मांग फिर तेज

सैद्धांतिक सहमति के बाद भी चार दशकों से ठंडे बस्ते में है प्रोजेक्ट

  • रेलवे की 600 एकड़ जमीन और खाली पड़े बंगले
  • नागपुर में लाखों का किराया दे रहा रेलवे, पर नैनपुर की उपेक्षा बरकरार

मंडला महावीर न्यूज 29.  एशिया के सबसे बड़े नैरोगेज जंक्शन के रूप में विख्यात रहे नैनपुर में डीआरएम (मंडल रेल प्रबंधक) कार्यालय की स्थापना की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, वर्ष 1969 तक नैनपुर में डीआरएम ऑफिस संचालित था, जिसे बाद में नागपुर स्थानांतरित कर दिया गया था। वर्तमान में ब्राडगेज लाइन बिछने के बाद नैनपुर की परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं और ट्रेनों के बढ़ते आवागमन के प्रबंधन के लिए यहां डिवीजन ऑफिस की महती आवश्यकता महसूस की जा रही है।

इतिहास के पन्नों में उलझा उद्घाटन

16 अगस्त 1984 को हुई भीषण रेल त्रासदी के बाद तत्कालीन रेल मंत्री गनी खान चौधरी ने नैनपुर में डिवीजन ऑफिस खोलने की घोषणा की थी। उस समय उद्घाटन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, कार्ड छप गए थे और सामान भी ट्रकों में लोड हो गया था, लेकिन राजनीतिक खींचतान के चलते यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस मांग को लेकर नैनपुर में उग्र आंदोलन भी हुआ था, जिसमें बालकिशन खंडेलवाल, डॉ. मदन विश्वकर्मा और दुर्गा तिवारी सहित कई स्थानीय नेताओं पर पुलिस केस दर्ज हुए थे।

संसाधनों की उपलब्धता, फिर भी उपेक्षा

नैनपुर में रेलवे के पास लगभग 600 एकड़ जमीन, बड़े बंगले और पर्याप्त भवन उपलब्ध हैं। विडंबना यह है कि एक ओर जहां नैनपुर में रेलवे की विशाल संपत्ति खाली पड़ी है, वहीं नागपुर में रेलवे लाखों रुपये के किराए के भवनों में कार्यालय संचालित कर रहा है। पूर्व में लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में तत्कालीन रेल मंत्रियों ने नैनपुर ऑफिस को ‘सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत’ बताया था, लेकिन धनाभाव का कारण बताकर इसे टाल दिया गया।

क्षेत्रीय नेतृत्व से विकास की उम्मीद

नैनपुर सर्वांगीण विकास समिति ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर जल्द डीआरएम ऑफिस स्थापना की मांग की है। समिति का मानना है कि यदि केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश की कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके और सांसद भारती पारधी एकजुट होकर रेल मंत्रालय पर दबाव बनाएं, तो इस पिछड़े आदिवासी अंचल के विकास को नई गति मिल सकती है। जंक्शन पर बढ़ते यातायात के सुचारू प्रबंधन के लिए नैनपुर अब हर लिहाज से डिवीजन ऑफिस के लिए उपयुक्त है।



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