ऊर्जा ठिकानों पर भीषण हमले
विश्व अर्थव्यवस्था पर मंडराया सदी का सबसे बड़ा मंदी का खतरा
- साउथ पार्स गैस फील्ड पर प्रहार
- 1973 के तेल संकट से भी बदतर हुए हालात
- भारत की ऊर्जा सुरक्षा को चुनौती
मंडला महावीर न्यूज़ 29 (राज कुमार सिन्हा की रिपोर्ट). ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायली हमले के बाद मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे इतिहास का सबसे खराब वैश्विक ऊर्जा व्यवधान करार दिया है, जो 1973 के अरब तेल प्रतिबंध से भी अधिक घातक साबित हो रहा है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ध्वस्त
ईरान और इजराइल के बीच जारी इस ऊर्जा युद्ध ने कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर को भारी नुकसान पहुँचाया है, जो दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात केंद्र है। मिसाइल हमलों के कारण कतर की एलएनजी निर्यात क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है, जिसकी भरपाई में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। इसके साथ ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी और यूएई के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है।
भारत पर सीधा असर
यह संकट भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा कतर से आयात करता है। वर्तमान स्थिति के कारण:
- महंगाई की मार: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं, जिससे भारत में प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल महंगा हो गया है।
- खेती पर संकट: कतर से यूरिया की आपूर्ति बाधित होने के कारण भारत में खाद की किल्लत बढ़ सकती है।
- शेयर बाजार में गिरावट: पिछले तीन सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की लगभग 27 से 34 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब चुकी है।
- रोजगार पर खतरा: खाड़ी देशों में कार्यरत 90 लाख भारतीयों में से करीब 50 हजार वापस लौट चुके हैं, जिससे रेमिटेंस (विदेशी मुद्रा) पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।
मंदी की ओर धकेलती जंग
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अनुसार, एलपीजी की कमी से खाद्य सेवा उद्योग को प्रतिदिन 12 से 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। आईएमएफ (IMF) और विश्व बैंक ने भी वैश्विक विकास दर के अनुमानों में कटौती कर दी है। जानकारों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो यह 1990 के बाद के सबसे बड़े आर्थिक संकट का रूप ले लेगा, जिससे दुनिया भर में गरीबी और बेरोजगारी बढ़ सकती है।










