मंडला में सुपर फूड चिया की खेती का बढ़ा क्रेज
कम लागत में अधिक मुनाफे की ओर बढ़े कदम
- नारायणगंज के बम्हनी गांव में 10 एकड़ में लहलहाई फसल
- 2000 एकड़ में फसल विविधीकरण का लक्ष्य
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में पारंपरिक खेती से हटकर अब किसान फसल विविधीकरण की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। आत्मा परियोजना, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के साझा प्रयासों से मंडला जिले में लगभग 2000 एकड़ क्षेत्र में चिया की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड नारायणगंज के ग्राम बम्हनी के किसानों ने 10 एकड़ में चिया की फसल लगाकर क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है।
बम्हनी गांव के किसान तीरथ उईके और उनके साथी किसानों ने इस फसल को पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति से अपनाया है, जिसमें केवल प्राकृतिक खाद का ही प्रयोग किया गया है। किसानों को इस नवाचार के लिए कृषि सखी श्रीमती अनीता बघेल, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सुश्री प्रीति लोवंशी, हरिओम झारिया एवं बीटीएम मोहित गोल्हानी द्वारा निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दिया गया।
सेहत और कमाई का बेजोड़ संगम
उप संचालक कृषि अश्विनी झरिया ने बताया कि चिया एक सुपर फूड है। इसमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण बाजार में इसकी मांग काफी अधिक है। चिया की खेती के लिए मण्डला की हल्की ठंडी और शुष्क जलवायु अत्यंत उपयुक्त मानी गई है।
मुनाफे का गणित-लागत कम, दाम ज्यादा
परियोजना संचालक (आत्मा) अंजू कुड़ापे ने बताया कि चिया एक कम लागत वाली फसल है, जो किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। एक एकड़ में करीब 4 से 6 क्विंटल तक उत्पादन संभव है। वर्तमान में चिया बीज की कीमत लगभग 220 रुपये प्रति किलो तक है। प्राकृतिक खेती के अनुकूल होने के कारण इसमें महंगे खाद या कीटनाशकों का खर्च न के बराबर है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। मंडला जिले के किसानों का यह रुझान न केवल कृषि क्षेत्र में विविधता लाएगा, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त भी बनाएगा।










