बरबटी में 51 साधु-संतों का दिव्य समागम

बरबटी में 51 साधु-संतों का दिव्य समागम

  • रामधुन के माध्यम से धर्म-संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
  • धर्मान्तरण से बचने और अपनी जड़ों से जुडऩे का ग्रामीणों को मिला आह्वान

मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रचार विभाग और महाकौशल प्रांत के तत्वावधान में बरबटी ग्राम पंचायत में एक भव्य धर्म प्रचार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में 51 साधु-संतों ने रामधुन और भजन मंडली के माध्यम से धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता का अनूठा संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान साधु-संतों ने गीत-संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी सनातन परंपराओं से जुडऩे के लिए प्रेरित किया। संतों ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ लोग बहकावे में आकर अपनी संस्कृति और धर्म से दूर हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू धर्म प्रेम और सेवा का मार्ग है, अत: किसी के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ग्रामीणों को अपने मूल धर्म के साथ जुड़कर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का मार्ग दिखाया।

सावधान रहने और अपनी संस्कृति को अपनाने की सलाह 

संतों ने अपने प्रवचनों में जोर देते हुए कहा कि हम भारत के मूल निवासी हैं और हमारी जीवनशैली, खान-पान और रहन-सहन हमारी प्राचीन संस्कृति की पहचान है। संतों ने ग्रामीणों को बाहरी ताकतों से सावधान रहने और पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए अपनी अगली पीढ़ी को संस्कारित करने की सलाह दी। रामधुन की मधुर धुन के बीच संतों ने धर्म के प्रति अटूट आस्था और एकता का परिचय देने का आह्वान किया।

व्यापक जनसमूह की रही उपस्थिति 

इस अनूठे धर्म प्रचार कार्यक्रम में क्षेत्र के समस्त साधु-संतों ने सम्मिलित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने भी रामधुन और संतों के संदेश को बड़े ध्यान से सुना। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर हिंदू संगठन को और अधिक मजबूत करना और लोगों में अपनी भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना को जागृत करना था। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सांस्कृतिक अलख को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



 

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