38 लाख की लागत का आंगनबाड़ी भवन बना भ्रष्टाचार का अड्डा
छत से टपकता पानी, मूलभूत सुविधाओं का अभाव
- सरपंच ने खोला मोर्चा, बिना पूर्ण हुए काम के दबाव में भवन शुरू करने का आरोप
- व्यवस्था सुधारे बिना नहीं खुलेंगे ताले
मंडला महावीर न्यूज 29. भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सरकारी योजनाओं का एक शर्मनाक उदाहरण ग्राम पंचायत बनार में देखने को मिल रहा है। वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 38 लाख रुपये की लागत वाला आंगनबाड़ी भवन लोकार्पण से पहले ही अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। सरपंच सतीश सैयाम ने परियोजना अधिकारी और ठेकेदार पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए भवन को असुरक्षित करार दिया है।
सरपंच सतीश सैयाम ने बताया कि करोड़ों की लागत से बना यह भवन निर्माण के कुछ ही समय बाद जीर्ण-शीर्ण हो गया है। स्थिति यह है कि छत पूरी तरह से रिस रही है, जिससे बारिश का पानी अंदर टपकता है। भवन में न तो बिजली की फिटिंग की गई है और न ही साफ-सफाई का कोई इंतजाम है। सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि भवन में बोरवेल के जरिए पानी की टंकी से कनेक्शन तक नहीं जोड़ा गया, जो कि निर्माण कार्य का अहम हिस्सा था।
अधिकारियों द्वारा बनाया जा रहा दबाव
आरोप है कि परियोजना अधिकारी ने ठेकेदार को बचाने के लिए अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर भवन में केंद्र संचालित करने का दबाव डालना शुरू कर दिया है। सरपंच का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते बिना किसी लोकार्पण कार्यक्रम और बिना मूलभूत व्यवस्थाओं के भवन चालू करना गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक भवन में बिजली, पानी और मरम्मत का काम सुचारू रूप से नहीं हो जाता, तब तक वे किसी भी कीमत पर आंगनबाड़ी का संचालन नहीं होने देंगे।
आंदोलन की चेतावनी
सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजना अधिकारी ने अपनी मनमानी बंद नहीं की और जल्द ही भ्रष्टाचार की जांच कर निर्माण कार्य पूरा नहीं करवाया, तो उन्हें ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस 38 लाख रुपये के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।









