19 मार्च से शुरू होगा हिंदू नव वर्ष
देवगुरु बृहस्पति होंगे राजा और मंगल संभालेंगे मंत्री का पद
- चैत्र नवरात्रि का भी होगा शुभारंभ
- मां दुर्गा की पालकी पर होगी सवारी
मंडला महावीर न्यूज 29. चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा के साथ आगामी 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत) का उल्लासपूर्ण आरंभ होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस नए संवत्सर में ग्रहों की स्थिति विशेष फलदायी रहने वाली है, जिसमें देवगुरु बृहस्पति को ‘राजा’ और मंगल देव को ‘मंत्री’ का महत्वपूर्ण पद प्राप्त हुआ है।
दिवारा अंजनिया निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप ज्योतिषी के अनुसार जब गुरु राजा होते हैं, तो समाज में धर्म, ज्ञान, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक वृद्धि होती है। वहीं, मंगल के मंत्री होने से राष्ट्र की ऊर्जा, साहस और कार्य क्षमता में तेजी देखने को मिलेगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म पुराण में उल्लेख है कि सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी ने इसी दिन सूर्योदय के समय सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, जिसे सतयुग का आरंभ भी माना जाता है। सम्राट विक्रमादित्य ने भी इसी तिथि से नए संवत्सर की गणना शुरू की थी।
चैत्र नवरात्रि और घट स्थापना
हिंदू नव वर्ष के साथ ही चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी शुरू होगा। इस वर्ष मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं। भक्तजन घट स्थापना, अखंड ज्योति और दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ माता की आराधना करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, घट स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 6:02 से 8:40 बजे तक रहेगा। नवरात्रि के दौरान अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है।
कैसे करें नव वर्ष का स्वागत?
पंडित जी ने बताया कि नव वर्ष के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करना और भगवान की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और भोजन का दान करना विशेष पुण्यदायी माना गया है।
रिपोर्टर- गर्जेन्द्र पटेल, अंजनिया, मंडला ✍️

दिवारा अंजनिया









