मंडला की नई पहचान बनी ‘महिष्मति व्यास दंड उत्तरवाहिनी परिक्रमा’

मंडला की नई पहचान बनी ‘महिष्मति व्यास दंड उत्तरवाहिनी परिक्रमा’

तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न

  • 28-29 मार्च को होगा सामूहिक आयोजन
  • व्यवस्थाओं के लिए 16 विभागों का गठन कर कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी

मंडला महावीर न्यूज 29.  देश भर में अपनी एक विशेष पहचान स्थापित कर चुकी ‘महिष्मति व्यास दंड उत्तरवाहिनी परिक्रमा’ के आगामी आयोजन को लेकर ‘महिष्मति माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। रविवार, 09 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे सुहानंद माँ रेवा सेवा आश्रम, हेलीपेड ग्राउंड, महाराजपुर में आयोजित इस बैठक में यात्रा की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर गहन चर्चा की गई।

कार्य विभाजन और 16 विभागों का गठन

बैठक के दौरान समिति ने 28-29 मार्च 2026 को होने वाले सामूहिक आयोजन के साथ-साथ अलग-अलग तिथियों में आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए कार्य विभाजन किया। आयोजन को सुचारू और भव्य बनाने के लिए कुल 16 विभागों का गठन किया गया है। इन विभागों में मुख्य रूप से:

  • निधि संग्रह, पंजीयन, संकल्प पूजन-आरती
  • तट परिवर्तन, जल एवं भोजन व्यवस्था
  • प्रशासनिक समन्वय, आवास एवं स्वच्छता
  • चिकित्सा, यातायात, झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं।

इन सभी व्यवस्थाओं के संचालन के लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से बढ़ी जिम्मेदारी

आयोजन समिति ने बताया कि महिष्मति व्यास दंड उत्तरवाहिनी परिक्रमा के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। देश के विभिन्न कोनों से श्रद्धालु लगातार कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं, जिनका विधिवत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। परिक्रमा करने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए समिति ने व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।

समिति का नगरवासियों से आग्रह

मंडला नगरवासियों के सेवाभाव और अथक सहयोग के कारण ही यह धार्मिक यात्रा अब एक नई ऊँचाई पर पहुँच चुकी है। आयोजन समिति ने सभी नगरवासियों और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तन-मन-धन से अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

मंडला के लिए व्यास दंड उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा का एक विशेष वरदान है, जिसे सफल बनाना प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है।



Leave a Comment